NCP का शिवसेना को ऑफर, कहा- फैसला करे तो समर्थन देने के लिए तैयार, राष्ट्रपति शासन की नौबत न आने देंगे-

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मुंबई: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को चल रहा गतिरोध लंबा खिंचता जा रहा है. बीजेपी और शिवसेना गठबंधन के साथी होने के बावजूद नतीजे आने के 12 दिन बाद भी किसी एक फैसले पर नहीं पहुंच पाए हैं. इस बीच शरद पवार की पार्टी एनसीपी की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा है कि अगर शिव सेना फैसला करती है तो हम समर्थन देने के लिए तैयार हैं.

नवाब मलिक ने कहा, ”गर शिव सेना फैसला करती है तो हम समर्थन देने के लिए तैयार हैं, हम राष्ट्रपति शासन की नौबत नहीं आने देंगे. शिव सेना को बीजेपी ने 5 साल अपमानित किया. अब शिव सेना को लग रहा है कि कुंजी हमारे हाथ में है.” उन्होंने कहा, ”शिव सेना को लेकर कांग्रेस में कोई अंदरूनी विवाद नहीं है. उनके साथ एनसीपी बैठ कर रास्ता निकालेगी लेकिन सबसे पहले शिव सेना को फैसला करना चाहिए.”

शिवसेना के सथ विचारधारा के स्तर पर मतभेद को लेकर नवाब मलिक ने कहा, ”हमारी और शिव सेना की विचारधारा आड़े नहीं आएगी. बीजेपी के साथ जाने से शिव सेना धर्म की राजनीति करने लगी थी. बीजेपी से अलग होकर उसके विचार बदलेंगे. शिव सेना ने मुसलमानों को आरक्षण देने की बात कही है.”.

शिवसेना बोली- मुख्यमंत्री तो हमारा ही होगा
महाराष्ट्र में जारी गतिरोध के बीच लगातार बीजेपी पर हमलावर शिवसेना ने आज एक बार फिर हुंकार भरी है. शिवसेना ने कहा है कि राज्य में मुख्यमंत्री तो हमारा ही होगा. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ”मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा. महाराष्ट्र की राजनीति का चेहरा बदल रहा है. आप देखेंगे. जिसे आप हंगामा बता रहे हैं वो हंगामा नहीं बल्कि न्याय और अधिकारों की लड़ाई है.” उन्होंने कहा, ‘’सरकार में शामिल होने को लेकर उद्धव ठाकरे फैसला करेंगे. महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट् में ही होगा.’’

दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए साधा बीजेपी पर निशाना
वहीं, इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने दुष्यंत कुमार की एक कविता ट्वीट करते हुए कहा, ‘’सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए. मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए.’’ दरअसल संजय राउत ने ये ट्वीट वर्तमान महाराष्ट्र की राजनीतिक परिदृश्य से जोड़ा है. सरकार गठन को लेकर शिवसेना बीजेपी के बीच जो खींचतान चल रही है,उसे देखते हुए इस ट्वीट के जरिये उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा है.

50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना
बता दें कि शिवसेना 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. यानी ढ़ाई साल शिवसेना और ढ़ाई साल बीजेपी का मुख्यमंत्री हो, लेकिन बीजेपी ने कहा है कि 50-50 के फॉर्मूले पर शिवसेना से कई बात नहीं हुई है. ऐसे में 9 नवंबर से पहले यानी विधानसभा सस्पेंड होने की नौबत से पहले सरकार बनेगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है.


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