Birthday: गोडसे से लेकर कश्मीर तक, पढ़िए कमल हासन के वे बयान जो विवादों में रहे

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Kamal Haasan Birthday: फिल्म के शोकीनों के लिए कमल हासन का नाम नया नहीं है, लेकिन अब साउथ ही नहीं बॉलीवुड में भी अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके कमल हासन एक अभिनेता के साथ राजनेता भी है. ‘सदमा’ से लेकर ‘चाची 420’ तक सुपरहिट फिल्म देने वाले कमल हासन अब सिनेमाई पर्दे से राजनीतिक मंच पर आ गए हैं. उन्होंने मक्कल नीधि मय्यम पार्टी भी बनाई है. जिस तरह उन्होंने सिनेमा के पर्दे पर जमकर रंग जमाया उसी तरह काफी कम समय में वह राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गए हैं.

कमल हासन का आज जन्मदिन है. वह आज ही के दिन साल 1954 में पैदा हुए थे. आज उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं राजनीति में उनके कुछ हालिया बयानों के बारे में जिसको लेकर वह काफी चर्चा में रहे. उन्होंने कई बार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. वहीं कई बार अन्य मुद्दों पर उनके बयान को लेकर भी काफी विवाद हुआ था. आइए जानते हैं उनके उन राजनीतिक बयानों के बारे में जिसको लेकर काफी चर्चा हुई.

1- गोडसे पहला आतंकी था

हाल में ही उन्होंने नाथूराम गोडसे को लेकर एक बयान दिया था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था. उन्होंने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकी एक हिंदू था. उसका नाम नाथूराम गोडसे था. यहीं से आतंक की शुरुआत हुई थी. हासन के इस बयान के बाद कई लोगों ने उनसे माफी मांगने को कहा था.

2-POK को बताया था ‘आजाद कश्मीर’

हासन ने पीओके को आजाद कश्मीर बताया था जिसके बाद भी काफी विवाद हुआ था. उन्होंने कहा था कि आजाद कश्मीर में लोग जिहादियों की तस्वीरें ट्रेनों में लगा रहे हैं और उन्हें हीरो की तरह दिखा रहे हैं. यह भी एक बेवकूफी भरा काम है. भारत भी ऐसी ही मूर्खतापूर्ण चीजें कर रहा है.

3- कश्मीर में जनमत संग्रह कराएं सरकार

हासन के एक और बयान पर काफी विवाद हुआ था जिसमें उन्होंने कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीर में जनमत संग्रह कराएं और लोगों से बात करें वे लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? आखिर वे किससे डरते हैं?

4- हिंदी भाषा डायपर पहने छोटे बच्चे जैसी

कमल हासन ने हिन्दी के मुद्दे पर भी हाल में ही एक ऐसा बयान दिया जिसपर सियासत गर्मा गई थी. उन्होंने अपने बयान में हिन्दी भाषा की तुलना डायपर से कर दी थी. उन्होंने कहा था, ”भाषाओं के इस परिवार में सबसे छोटी भाषा हिंदी है. यह डायपर में एक छोटा बच्चा है. हमें इसका ध्यान रखना होगा. हिंदी- तमिल, संस्कृत और तेलुगु की तुलना में, यह अभी भी सबसे छोटी भाषा है.”

इससे पहले भी कमल हासन ने हिंदी थोपने के खिलाफ अपनी आवाज उठाई.” इतना ही नहीं जब गृह मंत्री अमित शाह ने हिन्दी की वकालत की थी तो हासन ने अपने ट्वीटर हैंडल पर विडियो जारी कर बिना नाम लिए निशाना साधा था. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर हमला करते हुए कहा है कि भारत 1950 में अनेकता में एकता के वादे के साथ गणतंत्र बना था और अब कोई शाह, सुल्तान या सम्राट इससे इनकार नहीं कर सकता है.

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