JNU फीस विवाद में कूदी हिंदू महासभा, कहा- ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाएं छात्र और डिस्काउंट पाएं

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नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में चल रहे फीस विवाद में अब हिंदू महासभा की कूद गई है. जहां एक ओर यह मुद्दा संसद के अंदर भी उठाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हिंदू महासभा ने टिप्पणी कर अब इसे एक और मोड़ दे दिया है. हिंदू महासभा के प्रमुख स्वामी चक्रपाणि ने कहा है कि जेएनयू के छात्र ‘जय श्रीराम’ का नारा लगातक सस्ती फीस का लाभ उठा सकते हैं.

स्वामी चक्रपाणि ने ज्यादातर छात्रों को बताया  ‘भारत विरोधी’

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ कहना जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कम फीस का लाभ उठाने के लिए एक शर्त होनी चाहिए. स्वामी चक्रपाणि ने यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे ज्यादातर छात्रों को ‘भारत विरोधी’ करार देते हुए कहा कि उनकी इस मांग के पीछे का तर्क यही है कि वहां के छात्र ‘राष्ट्र-विरोधी’ हैं.

जो श्रीराम का नाम लगाएगा, वह मर्यादित रहेगा- स्वामी चक्रपाणि

स्वामी चक्रपाणि ने कहा, “माता-पिता अपने बच्चों को खाना खिलाते हैं. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वह गुमराह हो जाएं तो वे उन्हें अनुशासित नहीं कर सकते हैं. जो छात्र भटक गए हैं, उन्हें भी अनुशासित करने की जरूरत है.” उन्होंने जेएनयू छात्रों को ‘पीजा-बर्गर वाला’ करार देकर ‘संस्कारों की कमी वाला’ कहा. यह पूछे जाने पर कि जय श्री राम तो एक धार्मिक नारा है, उन्होंने कहा, “जो भगवान श्रीराम का नाम लगाएगा, वह मर्यादित रहेगा. अगर आप उनका नाम नहीं लेना चाहते, तो आप ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ तो कह सकते हैं. यह तो बोल सकते हो. ऐसा करना देशभक्ति है.”

फीस बढोतरी का विरोध कर रहे हैं छात्र

जेएनयूएसयू के साथ इंटर हॉल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) बैठक की मांग को लेकर जेएनयू के छात्रों ने सोमवार को सड़कों पर उतरकर संसद तक मार्च किया था. उन्होंने मांग रखी कि जेएनयूएसयू की भागीदारी के साथ सामंजस्य स्थापित किया जाए और छात्रों के परामर्श से एक नया छात्रावास मसौदा तैयार किया जाए और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि शुल्क वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिया जाए.


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