क्या अमेठी के बाद अब रायबरेली भी गंवा देगी कांग्रेस? अदिति सिंह की सदस्यता रद्द करने की मांग

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लखनऊ: यूपी में प्रियंका गांधी की लीडरशिप में कांग्रेस में हंगामा मचा हुआ है. नई खबर पार्टी के गढ़ रायबरेली से हैं. जहां से कांग्रेस की बॉस सोनिया गांधी लोकसभा सांसद हैं. यहां से पार्टी की विधायक अदिति सिंह की सदस्यता रद्द करने की अपील की गई है. इस बारे में चिट्ठी विधानसभा के अध्यक्ष को भी भेज दी गई है. इससे पहले अनुशासन के डंडे के नाम पर पार्टी के 11 सीनियर नेता बाहर किए जा चुके हैं. ये सभी नेता इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी के साथ काम कर चुके हैं. कांग्रेस महासचिव बनने के बाद प्रियंका ने अपनी नई टीम से इन्हे बाहर कर दिया था.

यूपी में कांग्रेस रसातल में चली गई है. पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी अमेठी से हार गए. सोनिया गांधी बड़ी मुश्किल से रायबरेली की सीट बचा पाईं. लेकिन अब यहां भी ग्रहण लगने लगा है. बीजेपी ने कांग्रेस के इस गढ़ में सेंधमारी की पूरी तैयारी कर ली है. प्रियंका के एक्टिव पॉलिटिक्स में आने के बाद से पार्टी में बिखराव बढ़ गया है. उम्मीद थी कि उनकी अगुवाई में कांग्रेस में कुछ अच्छा होगा. रायबरेली सदर की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह कभी भी पाला बदल सकती हैं. विधानसभा में उनकी सदस्यता खत्म करने की अर्जी ने आग में घी का काम किया है. पार्टी के फैसले के बावजूद अदिति विधानसभा के विशेष सत्र में गई थीं. कांग्रेस के अधिकतर नेता उन पर कार्रवाई के खिलाफ थे. लेकिन प्रियंका गांधी के सहयोगी संदीप सिंह नहीं माने.

बताया जाता है कि उनके कहने पर अदिति के घर के बाहर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन भी किया था. कांग्रेस के एक पूर्व सांसद ने कहा “ अदिति हमारी बेटी जैसी है, उसे समझाना बुझाना चाहिए”. अदिति सिंह तक यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के लोग पहुंच चुके हैं. योगी भी चाहते हैं कि रायबरेली की तेज तर्रार विधायक बीजेपी में आ जायें. अदिति के पिता अखिलेश सिंह इस सीट से 5 बार एमएलए रहे. इलाके में उनकी तूती बोलती थी. एक बार तो वे निर्दलीय भी चुनाव जीत गए थे.

रायबरेली से कांग्रेस के लिए एक और बुरी खबर है. हरचंदपुर से कांग्रेस एमएलए अशोक सिंह मोदी भक्त हो गए हैं. जब भी मौका मिलता है पीएम मोदी और सीएम योगी का गुणगान करने लगते हैं. अशोक सिंह कभी भी बीजेपी कैंप में आ सकते हैं. वैसे भी अब उनका मन कांग्रेस में नहीं लग रहा है. उनके बड़े भाई और सोनिया गांधी के करीबी रहे दिनेश प्रताप सिंह बीजेपी में जा चुके हैं. लोकसभा चुनाव वे सोनिया के खिलाफ लड़ चुके हैं. रायबरेली में दो कांग्रेसी विधायकों के पाला बदलने से पार्टी संकट में आ सकती है. अमेठी तो गया ही अगर यही हाल रहा तो रायबरेली भी कांग्रेस के हाथ से फिसल सकती है.

प्रियंका गांधी के फैसलों से यूपी में कांग्रेस के कई नेता बगावत पर हैं. अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष राम कृष्ण द्विवेदी को ही अनुशासन के नाम पर पार्टी से बाहर कर दिया गया. प्रियंका के काम काज से नाराज कई कांग्रेसी नेताओं ने लखनऊ में मीटिंग की थी. अब एक एक कर इन सबको बाहर किया जा रहा है.

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  1. कांग्रेस विधायक अदिति सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की अपील की हैं

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