आत्महत्या करने का ख्याल आता है तो, इसमें आपका दोष नहीं: रिसर्च

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नई दिल्लीः हाल ही में शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के भीतर दो प्रमुख नेटवर्क की पहचान की है, जो आत्म्हत्‍या के जोखिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ये दो नेटवर्क ब्रेन में होने से कई व्यक्ति आत्महत्या का प्रयास करते हैं और कई सचमुच सुसाइड कर लेते हैं.

ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध के जरिए आत्महत्या को रोकने के लिए एक अहम खेाज की है. मॉलिकुलर साइकैट्री जर्नल में प्रकाशित रिसर्च में आत्मघाती विचारों और व्यवहार के लिए ब्रेन इमेजिंग स्टटडी की जिसमें दो दशकों की समीक्षा की गई.

शोधकर्ताओं ने 131 शोधों को देखा, जो 12,000 से अधिक व्यक्तियों पर किए गए थे. इन शोधों से पाया गया कि  मस्तिष्क संरचना और कार्य में परिवर्तन किसी व्यक्ति में आत्महत्या के जोखिम को बढ़ा सकता है.

आंकड़ों के मुताबिक, हर साल दुनियाभर में, आत्महत्या के कारण 8 लाख लोग मारे जाते हैं, हर 40 सेकंड में एक के बराबर. शोधकर्ताओं ने कहा कि 15-29 साल के बीच आत्महत्या वैश्विक स्तर पर मौत का दूसरा प्रमुख कारण है. शोधकर्ताओं ने बताया कि कैंसर, हृदय रोग, एड्स, जन्म दोष, स्ट्रोक, निमोनिया, इन्फ्लूएंजा, और पुरानी फेफड़ों की बीमारी से होने वाली मौतों से अधिक किशोरों की मृत्यु होती है.

शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क में स्ट्रक्चरल, फंक्शनल, और मॉलिकुलर परिवर्तनों के सबूतों की तलाश की जो आत्महत्या के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. इस दौरान शोधकर्ताओं ने दो ब्रेन नेटवर्क की पहचान की और उनके बीच संबंध की पहचान की, जो आत्महत्य के लिए उकसाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

शोधकर्ताओं ने कहा कि इन नेटवर्कों में सबसे पहले मस्तिष्क के सामने वाले हिस्से को मीडियल और लैट्रल वेंट्रल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के रूप में जाना जाता है जो भावनाओं में शामिल मस्तिष्क के अन्य क्षेत्रों से संबंध हैं. इस नेटवर्क में बदलाव से अत्यधिक नकारात्मक विचार हो सकते हैं, और भावनाओं को कंट्रोल करने में कठिनाई हो सकती है, जो आत्महत्या के विचारों को उत्तेजित कर सकते हैं.

दूसरे नेटवर्क को डोरसल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और इंफिरियर फ्रंटल गाइरस सिस्टम के रूप में जाने जाने वाले क्षेत्र शामिल हैं.

इस नेटवर्क में बदलाव, आत्महत्या के प्रयास को प्रभावित कर सकते हैं, भाग में, निर्णय लेने में इसकी भूमिका, समस्याओं के वैकल्पिक समाधान उत्पन्न करने और व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए, रिसर्च में पाया गया.

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