दिल्ली चुनावः बीजेपी का प्लान- दिल्ली में बनेगा 16 लेन का यमुना रीवर फ़्रंट, बांध और स्मार्ट सिटी

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नई दिल्लीः दिल्ली चुनाव में भले ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी अपना मैनिफ़ेस्टो यानी संकल्प पत्र जारी न किया हो लेकिन प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एबीपी न्यूज़ के सामने दावा किया है कि पार्टी अपने संकल्प पत्र में यमुना रीवर फ़्रंट की योजना को पेश करेगी. अब देखना होगा कि दिल्ली चुनाव में वोटर बीजेपी के इस सपने को कितनी तवज़्ज़ो देते हैं.

क्या है यमुनोसा योजना

सिंगापुर के ‘सेंटोसा’ विकास की तर्ज़ पर बीजेपी ने दिल्ली में यमुना और उसके आस पास के इलाक़ों को ख़ूबसूरत बनाने और बसाने के अपने प्लान का नाम दिया है ‘यमुनोसा’.

यमुना का क्या होगा

दिल्ली के वज़ीराबाद से ओखला तक यमुना के किनारे विकास का काम होगा. ओखला स्थित बांध को रीडेवेलप कर उसे ऊंचा किया जाएगा. इसके बाद वज़ीराबाद बांध से पानी को छोड़ा जाएगा और ओखला बांध से रोका जाएगा. यानी फिर दिल्ली में यमुना की धारा काफ़ी चौड़ी हो जाएगी और पर्याप्त पानी रहेगा. बीजेपी के सर्वे के अनुसार फ़िलहाल यमुना 50 मीटर की चौड़ाई में बहती है.

क्या है रीवर फ़्रंट योजना

यमुना में पानी लाने के बाद यमुना के दोनों किनारों पर 16-16 लेन का पथ (रीवर फ़्रंट) बनेगा. इसमें 8 लेन की रोड, 4 लेन की सायकिल रोड और 4 लेन की पार्किंग होगी.

दिल्ली के नालों का क्या होगा

रिवर फ़्रंट से पहले और पार्किंग लेन से सटा हुआ एक नहर के आकार का सीवेज पैसेज बनाया जाएगा जो वज़ीराबाद से ओखला डैम स्थित मेजर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक जाएगा. इस एसटीपी को बनाना भी योजना का हिस्सा है. दिल्ली के सभी नाले इसी सीवेज पैसेज में गिरेंगे और ट्रीटमेंट प्लांट से होकर ओखला के आगे यमुना में छोड़ा जाएगा.

क्या है स्मार्ट सिटी योजना

रीवर फ़्रंट के बाद, यमुना के दोनों किनारों पर स्मार्ट सिटी बनेगी. स्मार्ट सिटी में 60% ग्रीन एरिया होगा. अक्षरधाम वाले पूर्वी किनारे की ओर ज़्यादा ज़मीन है. इधर 13 किलोमीटर लम्बाई और 1 किलोमीटर चौड़ाई में फैली ज़मीन है जिसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा. इधर 1,000 बिल्ड़िंगें बनाई जाएंगी. हर बिल्डिंग 50 मंज़िल की होगी. दूसरे किनारे पर भी स्मार्ट सिटी होगी लेकिन उसमें कुछ ही टावर होंगे.

मुश्किल है एनजीटी की मंज़ूरी मिलना

बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के अनुसार बीजेपी ने इस योजना का बाक़ायदा सर्वे भी करा लिया है. इस सर्वे में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल से क्या आपत्तियां हो सकती हैं उसको लेकर भी ध्यान दिया गया है. इसीलिए स्मार्ट सिटी के साठ प्रतिशत हिस्से को ग्रीन रखने के अलावा दोनों किनारों परसीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की विशेष व्यवस्था की गई है.

क्या होगा यमुनोसा योजना का खर्च

इस पूरी योजना के मोटे तौर पर दो हिस्से हैं. एक रीवर फ़्रंट और दूसरा स्मार्ट सिटी. स्मार्ट सिटी की अनुमानित लागत 1.5 लाख करोड़ रूपए है जबकि रीवर फ़्रंट की अनुमानित लागत 40 हज़ार करोड़ रूपए है.

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