नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली पर 9/11 जैसा कोई हवाई हमला ना हो सके इसके लिए भारत ने अमेरिका से इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वैपेन सिस्टम लिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि भारत के इस प्रस्ताव को फॉरेन मिलिट्री सेल्स के तहत मंजूर कर लिया है. इस हवाई रक्षा प्रणाली की कुल कीमत करीब 1.38 बिलियन डॉलर है और इसमे सौ किलोमीटर तक मार करने वाली एमराम मिसाइल भी शामिल हैं.

अमेरिकी विदेश विभाग के पॉलिटिकल-मिलिट्री एफेयर विंग के मुताबिक, इस इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वैपेन सिस्टम में 118 एमराम यानि एडवांस मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल हैं और 134 स्टिंगर मिसाइल हैं. इसके अलावा पांच सेंटेनल रडार सिस्टम, तीन एमराम गाईडेंस सिस्टम, इलेक्ट्रिकल-ओपटिकल/इंफ्रारेड सेंसर सिस्टम, कैनेस्टर लांचर और हाई मोबेलिटी लांचर शामिल हैं.

अमेरिका ने भारत को बेचने की दी मंजूरी 

अमेरिका ने इस रक्षा प्रणाली को भारत को बेचने की मंजूरी जरूर दे दी हो लेकिन अभी इसे राजधानी दिल्ली में लगने में थोड़ा वक्त जरूर लग सकता है.

दरअसल, इस तरह का एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका ने अपनी राजधानी वाशिंगटन डीसी और खासतौर से अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास स्थान, व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए तैनात किया हुआ है. इसे प्रणाली को नेशनल एडंवांस सर्फेंस टू एयर मिसाइल सिस्टम (एनएएसएम) के नाम से भी जाना जाता है. इस‌ तरह का एयर-शील्ड इजरायल और रूस की राजधानियों पर भी तैनात है.

इस तरह की हवाई- प्रणाली क्रूज मिसाइल, लड़ाकू विमान और ड्रोन के हमलों से सुरक्षा प्रदान करता है. इसकी रेंज करीब 100 किलोमीटर के करीब होती है. रडार जैसे ही किसी हमले का अंदेशा जताती है एमराम और स्टिंगर मिसाइल हमले से पहले ही उसे ध्वस्त कर देती हैं. हालांकि, एमराम हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है लेकिन इस एयर डिफेंस सिस्टम में इसे सतह से मार किया जाता है.

स्टिंगर मिसाइल की रेंज करीब चार से पांच किलोमीटर होती है और इसे कंधे पर रखकर फायर किया जाता है.

आपको बता दें कि डीआरडीओ भी एक ऐसे ही ब्लैस्टिक मिसाइल डिफेंस (बीएमडी) सिस्टम पर काम कर रहा है जो लंबी दूरी कि यानि करीब 2000 किलोमीटर दूर से मार करने वाली मिसाइल से राजधानी दिल्ली को हवाई सुरक्षा प्रदान करेगा. बीएमडी से न्युक्लिर मिसाइल को भी काउंटर किया जा सकेगा.

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