आशीष चौधरी बोले- 26/11 हमले में फैमिली खोने और मेरे दिवालिया होने के बाद भी पत्नी ने नहीं छोड़ा साथ

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टीवी डेस्क.  टीवी और फिल्म अभिनेता आशीष चौधरी ने जनवरी 2006 में अभिनेत्री समिता बंगार्गी से शादी की थी। 14 साल बाद भी दोनों के बीच वही प्यार बरकरार है। वैलेंटाइन डे पर आशीष ने दैनिक भास्कर से बातचीत में समिता के साथ अपने प्यार और रिश्ते की गहराई के बारे में बताया।

‘मेरे दिवालिया होने के बावजूद हमारा रिश्ता नहीं टूटा’

  1. आशीष कहते हैं- वाइफ समिता के साथ मेरे प्यार, विश्वास और शादी की कहानी लोगों को फिल्मी लग सकती है। जिंदगी के जिन थपेड़ों ने हमारे रिश्ते की अग्निपरीक्षा ली, उनसे अमूमन कई क्विट कर जाते हैं। हमारे साथ ऐसा नहीं रहा। हमारी शादी हो चुकी थी। समिता प्रेग्नेंट थी। तभी 26/11 हमले में मेरी बहन और बहनोई की जान चली गई। मैं फाइनेंशियली दिवालिया हो गया था। पैसों का मोहताज हो गया था। इन सबके बावजूद समिता मेरे साथ चट्टान की तरह बनी रहीं।
  2. कभी उसने तंगहाली के चलते रिलेशनशिप से भरोसा नहीं खोया। वह भी तब, जब मैं पूरी तरह टूट गया था। फैमिली खो जाने और दिवालिया हो जाने के गम में मैं शराब में डूब गया था। वह दौर तीन से चार महीने तक चला। मैं अपनी हेल्थ तक का ख्याल नहीं रख पा रहा था। समिता ने प्रेग्नेंट रहने के बावजूद अपना धीरज नहीं खोया। उसने मुझे लगातार स्ट्रॉन्ग रहने को कहा। मगर मैं तब बस रोते रहना चाहता था। वह मुझे चुप करने की कोशिश करती तो मैं उस पर गुस्सा हो जाया करता था। पर उसने वह सब झेलते हुए मुझे और मैच्योर बनाया।
  3. तीन महीने के बाद मुझे अहसास हुआ कि जिंदगी कैसे जीना चाहिए? तब तक हमारी जिंदगी में मेरा बेटा अगस्तय आ गया था। उसके बाद विपरीत हालातों में भी मैंने खुद को आज तक कभी टूटने नहीं दिया। अगर हमारे संबंधों की एनैलिसिस करें तो हमारे संबंध की शुरुआत में हम दोनों को एक साथ हमारी दोस्ती ने रखा। उसके बाद प्यार ने रखा। उसके बाद शादी ने हमें एक साथ बनाए रखा। उसके बाद से लेकर अब तक मेरा बेटा हम दोनों के बीच संबंध को फिर से जोड़ने में कारगर साबित हुआ। जन्म के बाद उसकी जो स्माइल थी न, हम लोग का सारा डिप्रेशन दूर कर देती थी। उसकी उम्मीद भरी निगाहों ने हमें जीने की ठोस वजह दे दी थी।
  4. मुझे फैमिली खो जाने का पूरा अहसास था, इसलिए मैंने अगस्तय के बाद भी सोचा कि मुझे फैमिली प्लान करना है। और मेरी जिंदगी में दो जुड़वा बेटियां आ गईं। अब मैं देखता हूं यह सब तो बहुत सुकून सा मिलता है कि मैंने और स्मिता ने कितनी समझदारी से यह सब हैंडल किया। यह सब तब हो सका, जब हम दोनों एक दूजे को लंबे समय से जान, समझ बूझ सके थे।
  5. शादी और रिलेशनशिप में आने से पहले तो दो तीन साल हम बड़े अच्छे दोस्त रहे। फिर सात आठ साल डेटिंग की। डेटिंग के आखिरी सालों में हालांकि एक और ट्विस्ट हमारी जिंदगी में आया। वह यह कि हमारा ब्रेकअप हो गया। उसके बाद मैंने किसी और को डेट करने की कोशिश की पर मुझे खालीपन हमेशा महसूस होता रहा। वह सब स्मिता को भी पता था। फाइनली हम दोनों फिर साथ आए और शादी ही कर ली।
  6. हमने एक दूजे से प्रॉमिस किया कि चाहे जैसी परिस्थिति आ जाए, हम सदा साथ बने रहेंगे। हमारी जोड़ी बनने की भी कहानी जरा फिल्मी रही है। जब वॉल्ट डिज्नी पहले पहल इंडिया आया था तो तब उसे जूना विस्ता कहा जाता था। मैं उस समय लंदन में एक्सपोर्ट के बिजनेस में मशगूल था पर जूना विस्ता के होस्ट के ऑडिशन के लिए मैं इंडिया आया।
  7. हालांकि हम दोनों पहले भी मिल चुके थे पर जूना विस्ता के होस्ट के कॉम्पिटीश में हम दोबारा मिल रहे थे। हम फाइनली जूना विस्ता के होस्ट के लिए सेलेक्ट हो गए। आपको बता दूं कि जूना विस्ता का इतिहास रहा है कि वर्ल्डवाइड उनके जो भी होस्ट रहे, वो आगे चलकर कपल बने। हमें क्या पता था तब कि हम भी उसके शिकार होने वाले हैं?

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