केरल में संक्रमित 2 छात्रों की स्थिति में सुधार; चीन में डेढ़ महीने में 1500 की मौत, 63 हजार से ज्यादा मामले सामने आए

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नई दिल्ली/बीजिंग. चीन में कोरोनावायरस से अब तक 1491 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 63,837 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। चीन के बाहर सबसे ज्यादा मामले सिंगापुर (58) में सामने आए हैं। केरल में संक्रमित 3 व्यक्तियों में से 2 की हालत में सुधार है। सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई में अब भी 80-100 भारतीयों के फंसे होने की आशंका है। जापान में क्रूज पर भी 160 में से 2 भारतीय संक्रमित हैं।

  • केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया- केरल में संक्रमित 3 लोगों में से दो मेडिकल छात्रों की स्थिति बेहतर हुई है। बाद में उनकी रिपोर्ट की जांच की गई, जो निगेटिव आई है। इसके बाद अलापुझा मेडिकल स्टूडेंट को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पहले त्रिशूर में मेडिकल स्टूडेंट की रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी।
  • केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया- छात्रा की सैंपल की रिपोर्ट देखे जाने के बाद ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। उसकी स्थिति अब संतोषजनक है। उसकी निगरानी अब घर पर ही की जाएगी।
  • उन्होंने कहा- केरल में 2397 व्यक्ति निगरानी में हैं। इसमें 2375 व्यक्तियों की उनके घरों में और 22 की अस्पतालों में निगरानी की जा रही है। 402 संदिग्धों की सैंपल जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी (एनआईवी) में भेजा गया है। इनमें 363 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बाकि के रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक- घरों में निगरानी रखे जा रहे 122 लोगों को भी छुट्टी दे दी गई है। पिछले दिनों 1040 व्यक्तियों को निगरानी से बाहर रखा गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग सतर्क बना हुआ है। चीन से आने वाले यात्रियों को 28 दिनों तक सार्वजनिक जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।

वुहान में 800 पाकिस्तान के छात्र फंसे

वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हुए हैं। उन्होंने सरकार से यहां से निकालने की अपील की है। छात्रों ने कहा कि वे मानसिक यातना से गुजर रहे हैं। 2015 से वुहान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे रेहान रशीद ने पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना करते हुए कहा कि शहर को लॉकडाउन किए जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने छात्रों को निकालने से इनकार कर दिया।

पाकिस्तानी छात्रों ने कहा- यहां डरावनी स्थिति है

चीन से फोन पर बात करते हुए छात्र रशीद ने कहा- हमें यहां से न तो निकाला जा रहा है और न ही कोई मदद की जा रही है। हम सभी बहुत डरे हुए हैं। यह एक डरावनी स्थिति है। हम 20 दिनों से ज्यादा समय से हॉस्टल के कमरे में कैद हैं। खाना या अन्य जरूरी चीजों के लिए भी बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। इससे पहले भी जब भारत ने अपने लोगों को वुहान से निकाला था, तब पाकिस्तान के छात्रों ने एक वीडियो जारी कर अपने सरकार से निकालने की बात कही थी। पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदारों ने इस्लामाबाद में अपने बच्चों को वहां से निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

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