खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई में भी इजाफा, जनवरी में 3.1% पर पहुंची; पिछले 9 महीने में सबसे ज्यादा

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नई दिल्ली. दिसंबर के बाद अब जनवरी में भी खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई दर में इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2020 में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 3.1 फीसदी पर आ गई है। यह पिछले नौ महीने में सबसे ज्यादा है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई दर में वृद्धि हुई है। साल 2019 की समान अवधि में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2.76 फीसदी थी। इससे पिछले महीने दिसंबर में यह 2.59 फीसदी थी। थोक मूल्य सूचकांक में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की हिस्सेदारी 64.23% है। 

सब्जियों की कीमत में 52.72% तेजी
जनवरी में सब्जियों की कीमत में 52.72% बढ़ोतरी हुई। इस दौरान प्याज की कीमत में 293% तो आलू की कीमत में 37.34% की तेजी आई। गाजर के दाम 85%, फूल गोभी के 59% और बंदगोभी के 43% बढ़े। फलों में पपीता एक साल पहले की तुलना में जनवरी में 41%, अनानास 40%और संतरा 39% महंगा हुआ। अंडों और मांस-मछलियों के दाम 6.73% बढ़े। मसालों की महंगाई दर 21.53% रही। मैन्युफैक्चरर्ड प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 7.05% रही।
थोक महंगाई दर में लगातार तीसरे महीने इजाफा

मई2.79%
जून2.02%
जुलाई1.08%
अगस्त1.17%
सितंबर0.33%
अक्टूबर0.16%
नवंबर0.58%
दिसंबर2.59%
जनवरी3.1%

खुदरा महंगाई दर भी 68 महीने के उच्च स्तर पर
इस सप्ताह की शुरुआत में सरकार ने खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए थे। खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में ज्यादा इजाफे की वजह से जनवरी में खुदरा महंगाई दर 7.59% पर पहुंच गई है। यह पिछले 68 महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले मई 2014 में 8.33% थी। अर्थव्यवस्था को भी दोहरा झटका लगा है। एक तरफ खुदरा महंगाई दर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। दूसरी ओर औद्योगिक उत्पादन घट गया। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती की वजह से दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन के इंडेक्स (आईआईपी) में 0.3% गिरावट आ गई। केंद्रीय सांख्यिकी विभाग ने बुधवार को महंगाई दर और आईआईपी के आंकड़े जारी किए।

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