धर्मेन्द्र बोले- हमेशा प्यार बांटता आया हूं, फैंस से मिले प्यार को आगे भी लौटाता रहूंगा, यही मेरा वैलेंटाइन डे मैसेज

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बॉलीवुड डेस्क.  वैलेंटाइन डे के मौके पर दैनिक भास्कर से बातचीत में दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा,- मैं तो हमेशा अपने चाहने वालों को प्यार बांटते आया हूं। जब से इंडस्ट्री में आया हूं, तब से लोग मेरे बारे में पॉजिटिव ही पढ़ते रहे हैं। मेरे वक्त में तो वैलेंटाइन डे के बारे में पता ही नहीं होता था।  मेरे लिए तो हर दिन ही वैलेंटाइन डे होता था। जहां मोहब्बत मिली, वहां वैलेंटाइन डे हो गया। 

‘मुंबई आकर पता चला कि वैलेंटाइन डे भी कुछ होता है’

  1. जब गांव में रहता था तो मालूम ही नहीं होता था कि वैलेंटाइन डे किसे कहते हैं, यहां मुंबई आकर इसके बारे में पता चला। चूंकि लोगों को प्यार ही बांटा है तो मेरे फैंस  मुझे प्यार ही देते रहे हैं। पहले अपनी फिल्मों के जरिए, अब रेस्टोरेंट के जरिए या किसी भी जरिए उनका प्यार उन्हीं में बांट रहा हूं। 
  2. जहां तक आप मेरे प्यार की दास्तां जानना चाह रहे हैं तो वह यह है जी कि, हेमा जी और हम फिल्मों में काम करते हुए अच्छे दोस्त बने। मुझे उनकी कंपनी पसंद थी और उन्हें मेरा साथ। हम कई फिल्मों में एक-दूसरे के साथ आए। एक बार तो ऐसा टाइम था जब हम कई कई महीनों तक एक साथ शूटिंग कर रहे थे। जैसे-जैसे टाइम आगे बढ़ा हमारा एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ता गया। मैं उनके नजदीक रहने के लिए कारण ढ़ूंढ़ा करता था। ऐसी ही हमारी कई सुखद यादें हैं।
  3. एक बार तो 1975  साल में चरस फिल्म की शूटिंग के लिए जब हम माल्टा जा रहे थे तब प्लेन में हेमा जी की सीट के पास बैठने के लिए मैंने बहाना बना दिया था। मैंने पढ़ा है कि इस बारे में हेमा जी ने उनकी किताब में जिक्र किया है। आज हम यह सब याद करके हंसा करते हैं। बाद में हम एक हुए। उनके परिवार के सभी लोगों ने मुझे बड़े प्रेम से स्वीकार किया। हां इतना जरूर था कि हमारे रिश्ते को लेकर उस समय कई कंट्रोवर्सीज जबरदस्ती खड़ी की गई थीं। 
  4. मैंने पहले भी उन सब चीजों को साफ-साफ नकारा है और कहा है कि मैं उस किस्म का इंसान नहीं हूं जो अपने फायदे के लिए कुछ गलत करूं। खैर हमारा वैलेंटाइन डे तो यही है कि प्यार बांटते चलो। लोगों ने मुझे गरम धरम, ही-मैन, धरम पाजी जैसे नामों से पुकारते रहे। अब इन्हीं प्यार-भरे नामों की सौगात उनके लिए लजीज खाने के सेंटर खोलकर लौटाना चाह रहे हैं। इससे पहले ‘गरम धरम’ का नाम दिया था अब इसी वैलेंटाइन डे पर हम  ही-मैन नाम के रेस्टोरेंट की सौगात लाए हैं जो करनाल में खुल रहा है।
  5. जैसे प्यार मेरे लिए इबादत रहा है, वैसे ही काम मेरे लिए पूजा है। मैं कुछ भी करूंगा, जो अच्छा काम होगा, उसे आज भी करूंगा। मैं बैठ नहीं सकता। जिस दिन बैठ गया, समझो- उस दिन रुक गया। मैं चलते ही रहना चाहता हूं और इसी तरह फैंस से मिलने वाले प्यार को आगे भी लौटाता रहूंगा। यही मेरा इस वैलेंटाइन डे पर संदेश है।

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