15 दिन पंचायत भवन में 20 गायों को बंद रखा, भूख-प्यास से सभी की मौत

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दिनारा/शिवपुरी। करैरा जनपद की ग्राम पंचायत छितीपुर में आवारा गायों को पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल के अंदर बंद कर ताला जड़ दिया। भूख और प्यास से गायों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। गायों की मौत हो जाने के बाद पंचायत सरपंच-सहायक सचिव और गांव वाले एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जानबूझकर गायों को बंद रखकर मरने के लिए छोड़ना, यह गोहत्या जैसा ही है। कई गायों के शव तो पंचायत भवन में ही पड़े-पड़े सड़ गए। इसे लेकर प्रशासन और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को जानकारी तक नहीं है। बताया जा रहा है कि यह आवारा गोवंश किसानों की फसल नष्ट कर रहे थे इसलिए इन्हें बंद किया गया।

दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम छितीपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पंचायत भवन में करीब 20 गायों को बंद कर दिया। गायों को चारे-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। करीब दस से पंद्रह दिनों में गायों की भूख-प्यास से एक-एक करके मौत होती चली गई। ग्रामीणों गायों की मौत के लिए सरपंच और सचिव को जिम्मेदार ठहराया हैं। गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत भवन की चाबी गांव के सरपंच-सचिव के पास रहती है, फिर पंचायत भवन के अंदर बिना सरपंच सचिव की इजाजत के कौन गोवंश को अंदर कैद कर सकता है। बता दें कि 8 किमी दूर थनरा ग्राम पंचायत में गोशाला मंजूर हुई है। 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक जसमंत जाटव ने गोशाला का भूमिपूजन किया था। लेकिन पांच माह में भी गोशाला का काम पूरा नहीं किया जा सका। यदि गोशाला बन चुकी होती तो मरने से पहले उक्त गायों को नई गोशाला में रखकर मरने से बचाया जा सकता था।

सरपंच और सचिव ने झाड़ा पल्ला

छितीपुर पंचायत के सरपंच शिमला रामनिवास लोधी का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों से मैंने मना किया था कि पंचायत भवन में गायों को बंद मत करना। कहा था कि आप रस्सों से आवारा गोवंश को अपने-अपने घर बांध लेना और चारा पानी देते रहना। लेकिन उन्होंने रात में पंचायत भवन का ताला तोड़कर कर गोवंश को बाउंड्रीवाल के भीतर बंद कर दिया। इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है।
सहायक ग्राम पंचायत सचिव वेदव्यास का कहना है कि छितीपुर ग्रामपंचायत भवन में हमारी कोई गलती नहीं है। ग्रामीणों ने गेट का ताला तोड़कर गोवंश को अंदर बंद कर दिया। बंद करने के बाद उन्हें खाना पीना भी नहीं दिया। इस कारण उनकी मौत हो गई। इसमें हमारी कुछ गलती नहीं है।
एक साल बाद भी 30 में से सिर्फ 5 गोशालाएं ही चालू
जिले में वर्ष-2019 में कमलनाथ सरकार ने 30 गोशालाएं मंजूर की थीं। जिसमें से अभी तक सिर्फ 5 निजामपुर, बामौरकला, गूडर, मायापुर और मायापुर में गोशालाओं में पशु रखे जा रहे हैं। अन्य गोशालाएं देरी से बनने की वजह से चालू नहीं हो पाईं हैं। साल 2020 में 100 नई गोशालाएं मंजूर हुईं हैं। हर विस में 20-20 गोशालाएं बनना हैं।

छितपुर गांव में गायों को बांउड्रीवाल में बंद रखकर भूखा-प्यासा रखकर मार डाला है तो यह गोहत्या का मामला बनता है। गायों की हत्या करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा। जिले में मंजूर 30 में 5 गोशाला चालू हैं, अन्य लगभग तैयार हैं। सिर्फ थनरा पंचायत की गोशाला का काम सबसे पीछे है। इस बारे में जिपं सीईओ से बात की है।

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