वित्त मंत्री ने कहा- हर खाताधारक का पैसा सुरक्षित, बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे

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नई दिल्ली. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। सीतारमण ने कहा कि पिछले दो महीनों से वह व्यक्तिगत रूप से स्थिति को देख रही हैं। अभी लिए गए निर्णय सभी के हित में हैं। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई से आकलन करने के लिए कहा गया है कि बैंक में आई कठिनाइयों का कारण क्या है, समस्या के लिए ज़िम्मेदार कौन हैं, उनकी पहचान की जाए। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

तिरुपति बालाजी ट्रस्ट ने बैंक से 1300 करोड़ निकाले

तिरुपति बालाजी टेम्पल का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही यस बैंक से 1300 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। उधर, जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए बैंक में अभी भी डिपॉजिट हैं। यह टर्म डिपॉजिट था, जो इसी महीने मेच्योर होना है। इस बीच, आरबीआई ने 3 अप्रैल तक यस बैंक से 50 हजार से ज्यादा विड्रॉल पर रोक लगा दी है। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के डिपॉजिट की निकासी पर संशय खड़ा हो गया है। संकट में फंसे बैंक को ग्राहकों में भी चिंता है। बैंक की शाखाओं और एटीएम पर शुक्रवार को लंबी कतारें देखने को मिलीं। मुंबई में तो एटीएम के सामने पुलिस भी लगानी पड़ी।

समाधान बहुत जल्द किया जाएगा- शक्तिकांत दास

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि बैंक से जुड़े मुद्दों का समाधान बहुत जल्दी कर लिया जाएगा। इसके लिए 30 दिन की समय सीमा तय की गई है। रिजर्व बैंक इस दिशा में जल्द कार्रवाई करेगा। शुक्रवार देर शाम आरबीआई ने रीकंस्ट्रक्शन प्लान पेश किया। 

आरबीआई का रीकंस्ट्रक्शन प्रस्ताव

1) यस बैंक में 2450 करोड़ रूपये निवेश कर 49 प्रतिशत हिस्सेदारी एसबीआई खरीदेगा।
2) यस बैंक की अधीकृत पूंजी 50 हजार करोड़ रूपये तय की गई है। हर शेयर का मूल्य दो रूपये होगा।
3) नया बोर्ड बनेगा। इन्वेस्टर बैंक यानी एसबीआई बोर्ड में दो डायरेक्टर नियुक्त कर सकेगा।
4) रिकंस्ट्रक्शन योजना से किसी खाताधारक की प्राप्तियों में बदलाव हुआ तो हर्जाना नहीं मिलेगा।
5) यस बैंक में काम कर रहे सारे कर्मचारियों की सेवाएं पहले की तरह की जारी रहेंगी।

यस बैंक की समस्या सिर्फ उससे जुड़ी: रजनीश कुमार
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि यस बैंक की समस्या सिर्फ उससे जुड़ी है, यह पूरे बैंकिंग सेक्टर की समस्या नहीं है। उन्होंने यह बात रिजर्व बैंक द्वारा यस बैंक पर रोक लगाने के अगले दिन कही। यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी खरीदने पर उन्होंने कहा कि बैंक को ऐसा करने की सैद्धांतिक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। स्टेट बैंक ने कहा है कि यस बैंक मामले में निवेश के सभी विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ग्राहकों चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनका जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।

यस बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी : चीफ इकनॉमिक एडवायजर
चीफ इकनॉमिक एडवायजर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने यस बैंक के ग्राहकों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बैंक के डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित है और बैंक के रिस्ट्रक्चरिंग के सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद सुब्रमण्यम ने कहा कि रिजर्व बैंक ने सही कदम उठाया है। सभी डिपाजिटर्स का पैसा सुरक्षित है।

यस बैंक से खाताधारक अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे
आरबीआई ने यस बैंक से पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी है। अब बैंक के खाताधारक अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे। यस बैंक की आर्थिक स्थिति में गंभीर गिरावट आने के बाद रिजर्व बैंक ने 30 दिन के लिए उसके बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार को बैंक का प्रशासक बनाया गया है।

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