Yes Bank Crisis: स्टेट बैंक के निवेश से बचेगा यस बैंक, ये है पूरा प्लान

0
138

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहारे अब यस बैंक का बेड़ा पार होगा. वित्तीय संकट के फेर में फंसे यस बैंक को सहारा देने के लिए SBI ने यस बैंक में निवेश की योजना बनाई है. इस संबंध में RBI ने शुक्रवार को “ड्राफ्ट रिकंस्ट्रक्शन स्कीम” जारी की है. इस स्कीम पर SBI अपने बोर्ड की मंजूरी लेकर सोमवार को RBI से मिलेगा. बोर्ड क्या कुछ मंज़ूरी देता है, पूरा प्लान इसी पर टिका है. लेकिन एक तरह से बैंक की सैद्धान्तिक तौर पर इस प्लान को मंज़ूरी मिल चुकी है.

कितना होगा निवेश

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि स्टेट बैंक यस बैंक में निवेश का इच्छुक है. यस बैंक के विलय को कोई प्लान है. SBI सिर्फ निवेश करेगा. निवेश कितना होगा और कैसे होगा, इस पर SBI की टीम फिलहाल काम कर रही है. RBI की स्कीम के मुताबिक निवेश की अधिकतम सीमा 49% होगी और 3 साल तक न्यूनतम 26% हिस्सेदारी SBI को रखनी ही होगी. रजनीश कुमार ने बताया कि 26% निवेश तो SBI करेगा ही. इससे ज़्यादा निवेश इस बात पर निर्भर करेगा कि बाकी लोग कितना निवेश करेंगे. कुल निवेश SBI कितना करेगा, इस बारे में चेयरमैन ने कहा कि बैंक की इन्वेस्टमेंट और लीगल टीम इस पर अभी काम कर रही हैं.

2450 करोड की बात कहां से आई?

कल से लगातार SBI के यस बैंक में 2450 करोड रुपये निवेश करने की बात सामने आ रही थी. इस बारे में स्टेट बैंक चेयरमैन ने बताया कि RBI ने अपनी स्कीम के तहत 2400 करोड़ शेयर authorised किये हैं. हर शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है. इस तरह authorised कैपिटल बैठती है 4800 करोड रुपये। अगर इन शेयरों में से SBI 49 % शेयर लेता है तो ये संख्या बैठती है 245 करोड. एक शेयर की कीमत स्कीम में तय की गई है 10 रुपये. इस तरह 2450 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आया. SBI चेयरमैन ने साफ कहा कि निवेश इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक को ज़रूरत कितनी है और SBI के साथ बाकी निवेशक कितना निवेश करते हैं. 2450 करोड़ रुपये के आंकड़े को आप इस तरह भी समझ सकते हैं ये पैसा शेयर खरीदने भर का है. बैंक का NPA तो बहुत ज़्यादा है. आगे चलकर बैंक को जैसे जैसे पैसे की ज़रूरत होगी, निवेशक और पैसा लगाएंगे.

निवेशक और ग्राहकों की चिंताएं

सबसे पहले ग्राहकों की बात करते हैं. दुनिया भर के नामी बैंकों में शामिल है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया. वित्तीय स्तिथि बढ़िया है. ऐसे में अगर यस बैंक के पीछे SBI का नाम जुड़ता है तो निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. इसिलए, SBI चेयरमैन कह रहे हैं कि कई निवेशकों ने बैंक से संपर्क किया है. इसलिए बैंक के ग्राहकों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. उनका पैसा सुरक्षित है. अब बात करते हैं उन निवेशकों की जिन्होंने कंपनी में शेयर बाजार के जरिये निवेश किया है. उम्मीद है कि जिस स्तिथि में आज बैंक है, आने वाले दिनों में स्तिथि बेहतर होने की तरफ ही बढ़ेगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.