राणा कपूर के खिलाफ सीबीआई ने धोखाधड़ी-भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया था, इसी को आधार बनाकर ईडी ने हिरासत में लिया

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नई दिल्ली/मुंबई. आर्थिक संकट में फंसे यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अलावा सीबीआई की तरफ से भी उनके खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने का खुलासा हुआ है। कपूर को ईडी ने रविवार को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था। विशेष अवकाश अदालत ने उन्हें 11 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा है। दिलचस्प बात यह है कि ईडी की कार्रवाई शनिवार को सीबीआई की तरफ से दर्ज केस के आधार पर ही हुई थी।

शनिवार को कपूर के खिलाफ केस दर्ज करने वाली सीबीआई ने अब तक इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। हालांकि कपूर को रिमांड पर लेने के लिए ईडी की तरफ अदालत में पेश की गई रिपोर्ट में सीबीआई की एफआईआर का जिक्र किया गया है। ईडी की एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) में सीबीआई की भूमिका और एफआईआर का ब्योरा भी मौजूद है।

जांच के दायरे में 2 हजार करोड़ रुपए का निवेश

कपूर और परिवार की तरफ से हुआ 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट, 44 बेशकीमती पेटिंग्स और 12 शेल कंपनियां ईडी के जांच के दायरे में हैं। राणा कपूर की बेटी रोशनी कपूर को भी मुंबई एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने रोक लिया। वे लंदन जा रही थीं। इससे पहले कपूर को शनिवार सुबह ईडी ने पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया था, जांच में सहयोग न करने पर रविवार तड़के 3 बजे उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

डीएचएफएल के साथ मिलकर षड्यंत्र का आरोप

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की एफआईआर में कपूर के साथ उनके परिवार की कंपनी डू इट अर्बन वेंचर्स और दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रोमोटर-डाइरेक्टर कपिल वाधवान के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई का आरोप है कि कपूर ने वाधवान के साथ मिलकर डीएचएफएल कंपनी को यस बैंक के जरिए वित्तीय मदद पहुंचाई। इसके बदले में कपूर और उनके परिवार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस काम के लिए कपूर परिवार की कंपनियों का इस्तेमाल हुआ।

कर्ज के बदले परिवार की कंपनी को अनुचित लाभ

सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक घोटाले की शुरुआत अप्रैल से जून, 2018 के दौरान हुई, जब यस बैंक ने अनियमितताओं से घिरी डीएचएफएल के शॉर्ट टर्म डिबेंचर्स में 3700 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इसके बदले में वाधवान ने डू इट अर्बन वेंचर्स को लोन देकर कथित तौर पर कपूर और उनके परिवार को 600 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाया। डू इट अर्बन वेंचर्स में कपूर की बेटियों रोशनी, राधा और राखी की हिस्सेदारी है। मॉर्गन क्रेडिट्स के जरिए तीनों के पास कंपनी की 100% हिस्सेदारी है।

कर्ज देते वक्त संपत्ति का मनमाना आकलन किया

सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि डीएचएफएल की तरफ से कम कीमत की संपत्ति के आधार पर डू इट अर्बन वेंचर्स को 600 करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया। उन्होंने खेती की जमीन को भविष्य में आवासीय होने का अंदाजा लगाकर संपत्ति की कीमत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। इसमें आगे पता चला कि डीएचएफएल ने यस बैंक में निवेश किए गए 3700 करोड़ रुपए भी वापस नहीं निकाले थे।

आरबीआई ने कहा- बैंकों के डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित

यस बैंक की मौजूदा हालत को देखते हुए रिजर्व बैंक ने देखते हुए यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है। रिजर्व बैंक ने रविवार को एक ट्वीट किया। रिजर्व बैंक ने कहा कि मीडिया के कुछ धड़ों में बैंकों में जमा डिपॉजिटर्स के पैसों को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है, लेकिन चिंताएं ऐसे एनालिसिस पर आधारित हैं, जो गलत हैं। बैंकों में डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित है।

6 मार्च को ईडी ने कपूर के समुद्र महल टॉवर पर छापा मारा था

ईडी के अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे साफ होता है कि कपूर परिवार के पास लंदन में भी कुछ संपत्ति है। अब ईडी इस संपत्ति को हासिल करने के लिए इस्तेमाल की कई रकम का सोर्स तलाश रही है। ईडी ने कपूर के खिलाफ कार्रवाई शुक्रवार को शुरू की थी। इसी दिन देर रात को उनके घर पर छापा मारा था। जांच एजेंसी की टीम ने मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पर देर रात तक छानबीन की थी।

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