कांग्रेस कार्यालय पर सन्नाटा, सीएम हाउस पर विधायकों का जमावड़ा; निर्दलीय शेरा बोले- सिंधिया गुट के 4 विधायक मेरे संपर्क में

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भोपाल. मध्य प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में बुधवार सुबह 10:30 बजे सन्नाटा पसरा था। हर रोज की तरह यहां पर कोई शोरशराबा नहीं, कोई कार्यकर्ता, विधायक, कोई नेता और प्रवक्ता नहीं। ऐसा लगता है कि यहां कई दिनों से कोई आया ही न हो। करीब 11 बजे हम सीएम हाउस पहुंचे। मुख्यमंत्री कमलनाथ विधायकों के साथ बैठक ले रहे थे। बाहर बसें खड़ी थीं। करीब 11.30 बजे इन बसों से कांग्रेस और निर्दलीय विधायक एयरपोर्ट के लिए निकलना शुरू हुए। पार्टी की पूरी गतिविधियां सीएम हाउस से ही चल रही हैं। मुख्यमंत्री आवास के बाहर कार्यकर्ताओं और मीडिया का जमावड़ा लगा है। 

सुरेंद्र सिंह बोले- जंगल सफारी करने जा रहे हैं

सीएम हाउस से ही कांग्रेस के सारे विधायक जयपुर के लिए रवाना हुए। निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने कहा कि सारे विधायक जंगल सफारी करने जयपुर जा रहे हैं। चार विधायक मेरे संपर्क में हैं और हम उनको भी वापस ले आएंगे। कांग्रेस सरकार पूरी तरह सुरक्षित है और हम बहुमत साबित करेंगे।

मसूद बोले- हमारे साथ 94 विधायक

भोपाल से विधायक आरिफ मसूद ने कहा- कमलनाथ सरकार पूरी तरह सुरक्षित है। हमारे 94 विधायक हमारे साथ हैं। विधायकों को जयपुर और उदयपुर ले जाया जा रहा है। जब आरिफ मसूद से पूछा गया- प्रदेश में आपकी ही सरकार है, आपका प्रशासन है, आपकी पुलिस है तो क्यों विधायकों के यहां से ले जाया जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि हम शेर की सवारी करने राजस्थान जा रहे हैं। शेरा भैया हमारे शेर हैं और हम उनके साथ राजस्थान घूमने जा रहे हैं।

मैं सिंधिया खेमे का नहीं: सिंघार
मंत्री उमंग सिंघार ने कहा कि बहुमत के लिए जरूरी विधायक हमारे पास हैं। दिग्विजय सिंह सरकार को बचाना चाहते हैं। लोगों को लगता था कि मैं सिंधिया खेमे से हूं, अब सबकी गलतफहमी दूर हो गई। वहीं, मंत्री प्रदीप जायसवाल बोले कि मैं मुख्यमंत्री के साथ हूं। चारों निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस के साथ हैं। सपा-बसपा विधायकों से बात हो रही है। कांग्रेस के सभी विधायक कमलनाथ के साथ हैं।

गहलोत के भरोसे मप्र के विधायक

मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने का जिम्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपा गया है। सभी विधायकों को उन्हें एक रिजॉर्ट में ठहराया जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र चुनाव के बाद उपजे सियासी संकट के बीच भी वहां के कांग्रेस विधायकों को जयपुर में ही रुकवाया गया था। पार्टी के असंतुष्ट विधायकों को मनाने का जिम्मा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्री गोविंद सिंह और सज्जन सिंह वर्मा को सौंपा है। 

कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से बिगड़ी स्थिति
कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद लगा कि सरकार जो है वह अल्पमत में आ गई है और सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट शुरू हो गई। हालांकि, मंगलवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था- स्थिति पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। हमारे साथ नंबर हैं और हम प्रोटेस्ट पर बहुमत साबित करेंगे। सरकार 5 साल चलेगी।

विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका दायर करेंगे
सूत्रों की मानें, तो कांग्रेस पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को उनके निवास पर जाकर एक याचिका दायर करने की योजना बनाई जा रही है। याचिका में क्या होगा, यह अभी तय नहीं है। पार्टी- इस्तीफा देने वाले विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग भी कर सकती है या अन्य किसी कानूनी पेंच का इस्तेमाल करके सरकार को बचा सकती है।

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