कांग्रेस के सात सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से खत्म किया गया, लोकसभा में संकल्प पारित

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नई दिल्ली. लोकसभा से कांग्रेस सांसदों का निलंबन वापस ले लिया गया है। सदन में इसके लिए संकल्प पारित किया गया, जिसमें तत्काल प्रभाव से सभी सात सांसदों का निलंबन खत्म करने की बात कही गई। इससे पहले, सर्वदलीय बैठक में निलंबन खत्म करने पर सहमति बनी थी। अधीर रंजन चौधरी ने भी सांसदों के निलंबन को खत्म करने को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली हिंसा पर शाम पांच बजे चर्चा कर सकते हैं। कांग्रेस लंबे समय से इस पर चर्चा के लिए सरकार पर दबाव बना रही है।


सदन में विपक्षी सदस्यों के व्यवहार से दुखी थे बिड़ला
संसद सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन विपक्ष के हंगामे के बाद सदन 11 मार्च तक स्थगित कर दिया गया था। इससे पहले 6 मार्च को बजट सत्र के चौथे दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कांग्रेस के 7 सांसदों को पूरे सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया था। इनमें गौरव गोगोई, टीएन प्रथपन, डीन कुरियाकोस, आर उन्नीथन, मणिकम टैगोर, बेनी बेनन और गुरजीत सिंह औजला शामिल हैं। सभी पर स्पीकर पर पेपर फेंकने का आरोप है। बिड़ला सदन में विपक्ष के व्यवहार से दुखी हैं। वे 5 मार्च को लोकसभा भी नहीं गए थे।

महिला सांसद के साथ हुई धक्का-मुक्की से नाराज है बिड़ला
इससे पहले, बुधवार को भी ओम बिड़ला लोकसभा नहीं गए थे। पूरे दिन वे अपने चैंबर में ही रहे। उनकी जगह पीठासीन सभापति किरीट सोलंकी ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। बताया जा रहा है कि बिड़ला सदन में महिला सांसद के साथ हुई धक्का-मुक्की की घटना से खफा हो गए थे।

हिंसा पर चर्चा नहीं होती तो सदन नहीं चलने देंगे: विपक्ष
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा था कि जब तक सरकार हिंसा पर चर्चा नहीं कराएगी, तब तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी पहले ही कह चुके हैं कि होली के बाद 11 मार्च को लोकसभा और 12 मार्च को राज्यसभा में चर्चा कराई जा सकती है। स्पीकर ओम बिड़ला भी इससे सहमत हैं।

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