दलाल स्ट्रीट पर कोहराम: सेंसेक्स 3000 अंक टूटा, निफ्टी 9600 के नीचे, निवेशकों के नौ लाख करोड़ डूबे

0
88

मुंबई: वैश्विक बाजार में जारी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ने लगा है. आज का दिन भारत के शेयर बाजार के लिए बहुत ही बुरा गया. प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में गुरुवार को दोपहर के कारोबार के दौरान 3000 अंकों से ज्यादा की गिरावट हुई और इस दौरान निफ्टी सूचकांक 9600 के स्तर से भी नीचे आ गया. इसके चलते इक्विटी बाजार में निवेशकों के नौ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए. कारोबारियों के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोविड-19 को महामारी घोषित करने के बाद वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका के चलते यह गिरावट आई है.

कैसे सिर्फ एक दिन में डूब गए 6.50 लाख करोड़ रुपये?

इससे पहले बीएसई सेंसेक्स सुबह लगभग 1,200 अंकों की गिरावट के साथ खुला और इसमें गिरावट आगे भी जारी रही. दोपहर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,707.39 अंकों की ढलान के साथ 32,990.01 के स्तर पर आ गया. खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला सूचकांक 2,267.21 अंक या 6.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 33,430.19 पर कारोबार कर रहा था.

इसी प्रकार 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 809.75 अंकों की गिरावट के साथ 9,648.65 के निचले स्तर जा पहुंचा. खबर लिखे जाने तक यह 658.55 अंक या 6.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,799.85 पर था. सुबह के सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 82 पैसे टूटकर 74.50 तक पहुंच गया. हालांकि बाद मे इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 46 पैसे की गिरावट के साथ 74.14 पर पहुंच गया.

दलाल स्ट्रीट पर मची इस तबाही में निवेशक के 9,15,113 करोड़ रुपये डूब गए और बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 127 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो बुधवार को कारोबार बंद होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था. सेंसेक्स के सभी शेयर घाटे में कारोबार कर रहे थे. एक्सिस बैंक में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट आई. इसके अलावा एसबीआई, हीरो मोटोकॉर्प, आईटीसी, एमएंडएम, बजाज ऑटो और टाइटन में भी भारी बिकवाली देखने को मिली. कारोबारियों के अनुसार डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना वायरस के प्रकोप को महामारी घोषित करने के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता चरम पर है. उन्होंने कहा कि वैश्विक इक्विटी बाजार में चौतरफा बिकवाली के अलावा तेल कीमतों में बड़े पैमाने पर गिरावट और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है.

बीते शुक्रवार का दिन भी भारत के शेयर बाजार के लिए बहुत ही बुरा गया था. इस दिन शुरुआती गिरावट के कारण महज 5 मिनट में ही निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूब गए. ये पहला मौका नहीं है जब भारतीय शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. इससे पहले भी कई बार ऐसे मौके आए हैं जब घरेलू स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गई.

BSE का इतिहास

बीएसई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के नाम से भी जानते हैं. यह एशिया का सबसे पुराना शेयर बाजार है जिसको 1875 में स्थापित किया गया था. भारत के पूंजी बाजार के विकास में बीएसई का अहम रोल रहा है. बीएसई की शाखाएं राष्ट्रीय स्तर फैली हुई हैं. बीएसई का इतिहास बहुत ही समृद्ध माना जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.