देश में 73 मामले: भारत कल से अगले 35 दिन के लिए दुनिया से कटा, डिप्लोमैटिक और एम्प्लॉयमेंट छोड़कर सभी तरह के वीजा सस्पेंड

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नई दिल्ली. भारत में कोरोनावायरस मामलों की संख्या 73 पहुंच गई है। बुधवार को जारी सरकार के आदेश के मुताबिक, 13 मार्च को शाम 5.30 बजे (12 जीएमटी) से अगले 35 दिन के लिए दुनिया के किसी भी देश के हर व्यक्ति के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। सिर्फ डिप्लोमैटिक और एम्प्लॉयमेंट वीजा को छूट दी गई है। सरकार ने साफतौर पर कहा है कि अगर जरूरी न हो तो भारतीयों को विदेशों में जाने से बचना चाहिए। भारत में रह रहे सभी विदेशियों के वीजा वैध बने रहेंगे। 

केंद्र सरकार के दफ्तरों में 31 मार्च तक बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी गई है। देश के 30 एयरपोर्ट्स पर विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। चीन, इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से 15 फरवरी के बाद आने वाले यात्रियों को कम से कम 14 दिन आइसोलेशन में रखा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनावायरस को महामारी घोषित कर दिया है। 

कोरोनावायरस प्रभावित देशों से 948 यात्रियों को निकाला
भारत सरकार ने कहा है कि अब तक कोरोनावायरस प्रभावित देशों से 948 यात्रियों को निकाला गया है। इनमें से 900 भारतीय हैं, जबकि 48 दूसरे देशों के नागरिक हैं। इन देशों में मालदीव, म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, मैडागास्कर, श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू शामिल हैं।

एयर इंडिया के विमान से इटली से 83 नागरिक लौटे

एयर इंडिया का विमान बुधवार को 83 नागरिकों को लेकर इटली के मिलान से नई दिल्ली पहुंचा। सभी यात्रियों को हरियाणा में मानेसर के सैन्य कैंप में निगरानी में रखा गया है। इनमें भारत के 74, इटली के 6 और अमेरिका के तीन नागरिक हैं।

वुहान से लौटे 36 भारतीयों समेत 112 नागरिकों की 14 दिनों की क्वारैंटाइन बुधवार को खत्म हो गई। उन्हें दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी केंद्र में निगरानी के लिए रखा गया था।

31 मार्च तक विदेशी शिप की एंट्री बैन

  • भारत ने 31 मार्च तक सभी विदेशी शिप की एंट्री बैन कर दी है। इसी के तहत मंगलौर में एक यूरोपियन कंपनी का जहाज वापस भेज दिया गया। रविवार को यूरोपियन कंपनी एमएससी क्रूज की शिप लिरिका को मंगलौर तट पर एंट्री नहीं दी गई। इस कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे बड़ी निजी क्रूज लाइन है। इसके दुनियाभर में 30 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा था- मास्क और सैनिटाइजर को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। सभी को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। केवल जो अस्वस्थ है, उसे मास्क पहनना जरूरी है ताकि किसी और को इन्फेक्शन न हो।

संक्रमण की जांच के लिए देश में 52 लैब
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने स्वास्थ्य और शोध विभाग के साथ मिलकर संक्रमण की जांच के लिए देशभर में 52 लैब बनाई हैं। दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज समेत देश के कई स्थानों पर वायरस रिसर्च एंड डॉयग्नॉस्टिक लैब (वीआरडी) नमूने एकत्रित कर रही हैं। 6 मार्च तक 3,404 लोगों के 4,058 सैंपल की जांच की जा चुकी है। इनमें चीन के वुहान से लाए गए 654 लोगों के 1,308 सैंपल भी शामिल हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस 

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी. हरिशंकर ने वकील त्रिवेणी पोटेकर की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया। इस याचिका में कहा गया था कि देश में संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा है। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, आइसोलेशन सुविधाएं और सुरक्षा उपकरणों के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव है। उन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि सरकार इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाए। कोर्ट ने सुनवाई 30 मार्च तक स्थगित की।

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