गांधी: एक शाश्वत विचार- युवाओं को बापू के विचारों से जोड़ने के लिए संघ अगले महीने यह किताब प्रकाशित करेगा

0
161

अहमदाबाद (विशाल पाटड़िया). पिछले 70 सालों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) लोगों के बीच चर्चा का केंद्र रहे हैं। इस संदर्भ में यह विषय फिर एक बार सुर्खियों में होगा। दरअसल, बापू की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुजरात प्रांत एक किताब प्रकाशित करने जा रहा है। इसका नाम है- महात्मा गांधी: एक शाश्वत विचार। 250 पेज की इस किताब के प्रकाशन का मकसद युवा पीढ़ी को गांधीजी के विचारों के बारे में बताना है।

गुजराती से अन्य भाषाओं में अनुवाद बाद में होगा

पहले चरण में यह किताब गुजराती भाषा में प्रकाशित होगी और बाद में हिंदी, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में इसका अनुवाद होगा। संघ के गुजरात प्रांत के सह-प्रचार प्रमुख और विश्व संवाद केंद्र के मैनेजिंग ट्रस्टी हितेन्द्र मोजिद्रा ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि पुस्तक के माध्यम से गांधीजी के देशहित के विचार समाज में, विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच रखे जाएं। वर्तमान में गांधीजी के विचार शाश्वत क्यों हैं, इस बारे में गुजरात के बुद्धिजीवी, लेखक, संत, डॉक्टर, चिंतक, साहित्यकार और अग्रणी अपने विचार पुस्तक के माध्यम से रखेंगे।’’

अप्रैल में होगा विमोचन

मोजिद्रा ने कहा, ‘‘अप्रैल के मध्य में इस किताब का विमोचन होगा। पहले संस्करण की 10 हजार प्रतियां प्रकाशित की जाएंगी। कोशिश होगी कि शैक्षणिक संस्थाओं को यह किताब रियायती दर पर मिले।’’ क्या संघ इस किताब के माध्यम से गांधीजी को लेकर अपने विचार लोगों को बताना चाहता है? इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘एक-दो लेखों के अलावा किताब के तमाम लेख समाज के ही वरिष्ठों ने लिखे हैं। इनमें से अधिकांश गुजरात के अग्रणी विचारक हैं। किताब में 40 लेख होंगे।’’

किताब में ऑग्मेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

गुजरात के सह प्रचार प्रमुख हितेन्द्र मोजिद्रा ने कहा कि हम पुस्तक में ऑग्मेंटेड रियलिटी टेक्नोलॉजी का प्रयोग करेंगे। इसके जरिए पुस्तक के पेज पर सिंबल और बार कोड दिए जाएंगे। इन्हें मोबाइल एप द्वारा स्कैन करने पर गांधीजी के महत्वपूर्ण भाषण, फिल्म, फोटोग्राफ्स और दस्तावेजों को लोग अपने मोबाइल में देख-सुन और पढ़ भी सकेंगे। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.