सेंसेक्स में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव का माहौल, बीएसई 810 अंक नीचे और निफ्टी 230 पॉइंट नीचे बंद हुए

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मुंबई. सोमवार को बाजार में आई रिकॉर्ड गिरावट के बाद मंगलवार को भी बाजार 629 अंकों की गिरावट के साथ खुले थे, लेकिन थोड़ी ही देर में सेंसेक्स में तेजी आने लगी। कारोबार के 45 मिनट के अंदर ही बीएसई 500 अंक ऊपर चढ़ गया। पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल चलता रहा। कारोबार बंद होने के बाद सेंसेक्स 810.98 अंक नीचे 30,579.09 पर बंद हुआ। निफ्टी 230.70 अंक नीचे 8,966.70 पॉइंट पर बंद हुआ। बीएसई 2.58% और निफ्टी 2.51% नीचे रहे। शुरुआती कारोबार में गिरने के बाद दोपहर तक कारोबार में तेजी दिखी, लेकिन कारोबार के आखिरी सत्र में दोनों बाजार नीचे गिरकर बंद हुए। सेंसेक्स और निफ्टी पर यस बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। बैंक के शेयरों में 60% तक का उछाल आया।

20 मार्च से बीएसई इंडेक्स से हटेंगे यस बैंक के शेयर

बीएसई के एक सर्कुलर के मुताबिक यस बैंक के शेयरों को 20 मार्च से बीएसई इंडेक्स से हटाया जाएगा। बीएसई 30 की बात करें तो इसमें शामिल कंपनियों में बैंकों के शेयरों पर दबाव मंगलवार को भी रहा। एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस, बजाज फिनसर्व, इंडसइंड आदि के शेयर गिरे। एनएसई पर जी एंटरटेनमेंट, इंड्सइंड बैंक, इंफ्राटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। दमानी परिवार ने इंडिया सीमेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, इस कारण कंपनी के शेयरों में उछाल दर्ज किया गया।  

2020 में 10,727 अंक नीचे गिरा सेंसेक्स, 26% नीचे
अर्थव्यवस्था में आ रही सुस्ती और फिर अचानक कोरोनावायरस का संक्रमण फैलने से दुनियाभर के बाजार गिर रहे हैं। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस में 3 कारोबारी दिन के अंदर दो बार लोअर सर्किट लग चुका है। बाजार इससे पहले 1987 में ब्लैक मनडे के दौरान गिरा था। बाजार में इतनी तेज आ रही गिरावट की तुलना 1929 की महामंदी से भी की जा रही है। देश के बाजारों की बात करें तो 2020 में सेंसेक्स अब तक 10,727 अंक नीचे गिर चुका है। 1 जनवरी को 41,306 से शुरू बाजार 17 मार्च को 30,579 पॉइंट पर बंद हुआ। यह करीब 26% गिर चुका है। ऐसी स्थिति को बीयर मार्केट भी कहा जाता है।

पढ़ें बीयर मार्केट क्या होता है?

बीएसई पर 63% कंपनियों के शेयर गिरे (17 मार्च का अपडेट)

> बीएसई का मार्केट कैप 119 लाख करोड़ रुपए रहा
> 2,595 कंपनियों पर ट्रेड हुआ। जिसमें 779 कंपनियों के शेयर बढ़त में और 1,650 कंपनियों के शेयर में गिरावट रही
> 14 कंपनियों के शेयर 1 साल के उच्च स्तर और 539 कंपनियों के शेयर एक साल के निम्न स्तर पर रहे
> 14 कंपनियों के शेयर में अपर सर्किट और 539 कंपनियों के शेयर में लोअर सर्किट लगा

ट्रम्प के बयानों से बाजार में घबराहट फैली

कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ने के बाद आर्थिक गतिविधियों को सुधारने के लिए फेडरल रिजर्व, लॉमेकर्स और व्हाइट हाउस द्वारा उठाए अप्रत्याशित कदमों से निवेशकों में घबराहट फैल गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अपील से बाजार पर और नकारात्मक असर पड़ा। ट्रम्प ने अमेरिकी नागिरकों से अपील की वे सामाजिक गतिविधियों को 15 दिन के लिए रोक दें और 10 लोग से ज्यादा एक साथ एकत्र न हों। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका मंदी की तरफ बढ़ रहा है। इसके बाद कारोबार में डाउ जोंस 2997.10 अंक या 12.93% गिरकर 20,188.50 पॉइंट पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट में 12.32% और एसएंडपी में 11.98% की गिरावट आई। नैस्डैक 970 अंक गिरकर 6,904.59 पर बंद हुआ। इसी तरह, एसएंडपी 324 अंक नीचे 2,386.16 पर बंद हुआ।

तीन कारोबारी दिन में डाउ जोंस में दूसरी बार लोअर सर्किट लगा, इंडेक्स करीब 3,000 अंक नीचे 20,188 पर बंद हुआ

सोमवार को बाजार में आई इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट  
इससे पहले, सोमवार को कोरोनावायरस के बढ़ने और यूएस फेडरल के ब्याज दरों में कटौती के बाद सेंसेक्स में तेज गिरावट आई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 2713.41 अंक गिरकर 31,390.07 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 7.96% गिरा। इसी तरह निफ्टी 756.10 अंक गिरकर 9,199.10 पॉइंट पर बंद हुआ। बाजार में सोमवार को फाइनेंस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा। एचडीएफसी, इंड्सइंड, एक्सिस, आईसीआईसीआई, एसबीआई समेत सभी प्रमुख बैंकों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बीएसई 30 में शामिल सभी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे थे।

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