कोरोना जांच को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने विस में की गलतबयानी:तेजस्वी

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नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि रोज 50 हजार आरटीपीसीआर टेस्ट का इंतजाम हो। आईसीएमआर ने भी कोरोना टेस्ट के लिए इसे ही सटीक बताया है। रैपीड एंटीजन टेस्ट बहुत विश्वसनीय नहीं है। तत्काल 50 ट्रू नेट मशीन खरीदी जाए और इससे रोजाना 10 हजार टेस्ट हो। कोरोना मरीजों के लिए एक लाख बेड का प्रबंध किया जाए। वे गुरुवार को मीडिया से मुखातिब थे।

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर गलतबयानी का आरोप लगाया। कहा- बीते 3 अगस्त को विधानसभा में मेरे सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार में कुल कोरोना जांच में 52.9 फीसदी आरटीपीसीआर, 17.9 फीसदी ट्रू नेट और 29 प्रतिशत एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं। लेकिन 11 अगस्त को बिहार सरकार की ही यह बात सामने आई कि रोज 10 प्रतिशत से भी कम आरटीपीसीआर टेस्ट हो रहा है। इन दोनों बातों में किसे सही माना जाए? सच्चाई यह है कि अभी आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता मात्र 5000 है।

गलत बयान देकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे नेता प्रतिपक्ष

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर कोरोना काल में भी लगातार गलत और भ्रामक बयान देकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्हाेंने कहा कि आपदा काल में भी वे कर्तव्य से विमुख हो गए हैं। अब तो उन्होंने झूठे आंकड़ों को प्रस्तुत कर हद ही पार कर दी। वे 3 अगस्त को विधानसभा में दिए गए अपने बयान पर आज भी कायम हैं। सदन में जांच का जो आंकड़ा मैंने दिया था, वह सही है और आज भी मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ वही बात दोहरा रहा हूं।

प्रतिपक्ष के नेता मुख्यमंत्री के हवाले से अबतक 6100 जांच की बात का प्रचार कर रहे हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़कर लोगों के सामने रख रहे हैं। सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री ने यह आंकड़ा एक दिन की जांच आरटीपीसीआर से होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जिम्मेदारी के साथ तथ्यों को सार्वजनिक तौर पर रखना चाहिए। बिहार में अभी 24 घंटे में जांच का आंकड़ा एक लाख चार हजार 452 हो गया है। इसमें 6100 जांच आरटीपीसीआर मशीन व 4400 ट्रू नेट मशीन से से हुई है।

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