Shivsena: महामारी के बीच सरकार विरोधी ...

शिव सेना ने अयोध्या में 11 दिन पहले पीएम द्वारा महंत नृत्य गोपाल दस के साथ मंच साझा करने के मामले में पूछा है कि नियमानुकूल पीएम को क्वारैंटाइन क्यों नहीं होना चाहिए? गौरतलब है की दो दिन पहले ही यह खबर आयी है की महंत कोरोना पाज़िटिव पाए गए हैं।

वहीं महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव सरकार पर निशाना साधा है। राज्य में कोरोना के 5 लाख 80 हजार से जायदा केस को आधार बनाने हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, भारत की कोविड-19 की नई राजधानी बन गया है। फडणवीस पुणे में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।

देवेंद्र फडणवीस ने आज ट्वीट कर कहा, “महाराष्ट्र भारत की कुल जनसंख्या का 24% है और इस बीमारी के कारण देश में होने वाली कुल मौतों का 41% हिस्सा सिर्फ यहां से है।” उन्होंने आगे कहा, “हम कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। हम राजनीति करने से ज्यादा कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने में विश्वास रखते हैं। मैं मांग कर रहा हूं कि राज्य में परीक्षणों की संख्या बढ़ाई जाए।”

दबाव में काम कर रही है महाराष्ट्र की पुलिस
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुशांत सिंह राजपूत के मुद्दे पर पूछे एक सवाल के जवाब में कहा मौजूदा हालात में पुलिस दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र पुलिस क्या है, मैं जानता हूं। मैं अपने पांच साल के अनुभव में उनकी क्षमता से अच्छी तरह वाकिफ हो चुका हूं। मेरा मानना है कि पुलिस को किसी के दबाव में काम नहीं करना चाहिए।’

जनभावना के हिसाब से इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए
सुशांत मामले की सीबीआई से जांच कराने को लेकर फडणवीस ने कहा कि इस केस में जनमानस की भावना है कि सीबीआई से इसकी जांच करानी चाहिए। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

तीनों दलों में झगड़ा और विवाद है

पूर्व मुख्यमंत्री ने महाविकास अघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तीनों दलों के आपस में झगड़े और विवाद हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार बेफिजूल के खर्चे कर रही है, जबकि उन्हें राज्य को ठीक से चलाने पर ध्यान देना चाहिए। पूर्व सीएम ने प्रदेश में कोरोनावायरस को नियंत्रण में लाने के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट बढ़ाने की भी बात कही है।

महामारी के इस दौर में अधिकारियों का तबादला गलत
उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में अधिकारियों का तबादला करना जरूरी नहीं है। लेकिन सरकार ने सभी खेमों में 15 प्रतिशत तबादले की अनुमति दी है, जिससे खर्चे बढ़ गए हैं।

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