Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सीबीआई करेगी जांच

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  • महाराष्ट्र सरकार इसे चुनौती नहीं दे सकेगी, पटना में दर्ज की गई एफआईआर सही थी
  • बिहार डीजीपी :यह बिहार पुलिस नहीं , देश के 130 करोड़ लोगों की जीत है , रिया चक्रवर्ती कीऔकात नहीं कि बिहार के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करें , सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया की बिहार पुलिस कानून के दायरे में काम कर रही थी
  • सुशांत समर्थकों में खुशी की लहर
  • नीरज बबलु :ये सत्य की जीत है,परिवार को उम्मीद है कि अब न्याय मिलेगा
  • ट्वीटर पर #cbiforssr की जीत

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच अब सीबीआई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को करने के लिए कहा। साथ ही मुंबई पुलिस को तमाम दस्तावेज सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।

सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया के खिलाफ बिहार में केस दर्ज कराया था। इसे मुंबई ट्रांसफर कराने के लिए अभिनेत्री ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर  की थी। 
जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच ने पिछले मंगलवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। सीनियर वकील मनिंदर सिंह बिहार सरकार की तरफ से, अभिषेक मनु सिंघवी महाराष्ट्र सरकार, श्याम दिवान रिया की तरफ से और विकास सिंह ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार की ओर से पैरवी की।

रिया ने अपनी याचिका में कहा था कि सुशांत के पिता की एफआईआर का पटना में किसी अपराध से कोई कनेक्शन नहीं है। पटना में केस दर्ज होने से राज्य भारी दखल दे रहा है। बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। हालांकि बिहार पुलिस ने  मुंबई पुलिस पर सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया था। 

रिया के वकील ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में रिया के वकील श्याम दिवान ने कहा था कि ‘रिया, सुशांत से प्यार करती थीं। सुशांत के निधन से वो सदमे में हैं।’ उन्होंने पटना में जो एफआईआर दर्ज हुई है, उसे मुंबई स्थानांतरित करने की मांग की। वकील ने कहा कि ‘पटना में एफआईआर दर्ज की गई है जबकि वहां घटना ही नहीं हुई थी। अगर मामले को पटना से मुंबई ट्रांसफर कर दिया जाता है तो रिया को न्याय मिल पाएगा।’ 

बिहार सरकार ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने कहा था कि सुशांत केस में मुंबई पुलिस ने कभी एफआईआर दर्ज नहीं की। किसी केस में अगर किसी को जांच के लिए बुलाया जाता है तो एफआईआर होना जरूरी है। मुंबई पुलिस केस में देरी कर रही थी। ऐसा संभव है कि उन पर कोई सरकारी दबाव हो। उन्होंने हमारी कोई मदद नहीं की।

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