बिहार चुनावी माहौल :लालू के समधी चंद्रिका राय समेत RJD के तीन MLA ने थामा जदयू का दामन

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राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के समधी चंद्रिका राय गुरुवार को जदयू में शामिल हो गए। मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर राय ने बिना नाम लिए तेज प्रताप यादव पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा, “लालू के बड़े बेटे ने लोकसभा चुनाव में चार-पांच ऑफिशियल कैंडिडेट का विरोध किया था। जब पार्टी की समीक्षा बैठक हुई तब मैंने कहा कि कोई भी व्यक्ति हो, चाहे किसी का बेटा ही हो, उसे यह सब करने का अधिकार नहीं है। मैंने नोटिस देकर सजा देने की मांग की, लेकिन राजद ने इसकी अनदेखी कर दी।”

इसी बीच राजद के निष्काषित तीन विधायकों ने गुरुवार को जदयू का दामन थाम लिया। जदयू कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बीजेन्द्र यादव और मंत्री श्रवण कुमार ने तीनों विधायकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।जदयू में शामिल होकर तीनों विधायक चंद्रिका राय, फराज फातमी और जयवर्धन यादव ने खुशी का इजहार किया। संकल्प लिया कि इस बार जदयू को चुनाव में और मजबूत बनाना है साथ ही सीएम नीतीश कुमार को फिर से बिहार का सीएम बनाना है।

वहीं  पार्टी विरोधी गतिविधियों के नाम पर पार्टी से छह साल के लिए निष्काषित राजद के तीन विधायकों में से एक फराज फातमी ने जदयू में शामिल होने की अटकलों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर राजद पर जोरदार हमला बोला। फातमी ने राजद पर रुपये लेकर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया।वीडियो जारी कर दरभंगा के विधायक फराज फातमी ने कहा कि – प्रेस कांफ्रेस कर छह साल के लिए मुझे पार्टी ने निकाला गया। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष ने जब पार्टी सदस्य ही नहीं माना तो निकालने का मतलब ही क्या है? किस आधार पर पार्टी से निकाल रहा आरजेडी। कहा कि अब्बा को 30 साल तक पार्टी की खिदमत की लेकिन पैसे के कारण टिकट किसी और उम्मीदवार को दे दिया गया। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि मुस्लिम नेताओं को एक षड़यंत्र के तहत शोषण कर रही है पार्टी।

राजद को खड़ा करने वाले गरीब निराश हैं: चंद्रिका राय
उन्होंने कहा, “राजद अब गरीबों की पार्टी नहीं रह गई है। धनी और कारोबारियों की पार्टी हो गई है। टिकट भी अब इसी आधार पर बांटे जाते हैं। राज्यसभा चुनाव के वक्त भी कुछ अमीर लोग चले आते हैं और पार्टी उन्हें टिकट दे देती है। जिन गरीबों ने राजद को खड़ा किया था, वे अब निराश हैं। पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दी जाती।”

12 मई 2018 को चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या की शादी लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव से हुई थी। उस वक्त सभी को लगा था कि दो बड़े राजनीतिक घरानों के बीच बना यह रिश्ता कई पीढ़ियों तक निभाया जाएगा। लेकिन, 12वीं पास तेज प्रताप और एमबीए तक पढ़ी ऐश्वर्या का रिश्ता सिर्फ 175 दिन निभ पाया।

फरवरी में छोड़ी थी राजद
पारिवारिक विवाद इस हद तक बढ़ गया कि तेज प्रताप कोर्ट पहुंच गए और तलाक की अर्जी लगा दी। तलाक का केस अभी कोर्ट में है। ऐश्वर्या ने रिश्ता बचाने की पूरी कोशिश की। पति की ओर से तलाक की अर्जी लगाने के बाद भी कई महीनों तक राबड़ी आवास में रहीं, लेकिन यह सिलसिला भी ज्यादा नहीं चल पाया।

खुद ऐश्वर्या ने सास राबड़ी और परिवार के दूसरे लोगों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। हद तो तब हो गई जब 14 सितंबर 2019 को वे राबड़ी आवास से रोती हुई निकलीं। इस बात से दुखी चंद्रिका राय ने इस साल 14 फरवरी को उस राजद को छोड़ दिया, जिसमें वे 30 साल से थे।

परसा सीट पर राय परिवार की पकड़
सारण जिले के परसा विधानसभा इलाके में यादव ज्यादा होने के बावजूद चंद्रिका राय के परिवार की पकड़ रही है। 1951 में यह विधानसभा क्षेत्र बना था, तब चंद्रिका के पिता दरोगा प्रसाद राय ने चुनाव जीता और परसा के पहले विधायक बने थे। दारोगा प्रसाद राय यहां से 7 बार चुनाव जीते थे। बाद में इस सीट पर चंद्रिका राय चुनाव लड़ने लगे।

चंद्रिका राय को चुनौती देने के लिए राजद ने उनके ही परिवार की सदस्य को चुना है। लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने चंद्रिका राय के बड़े भाई विधानचंद राय की बेटी डॉ. करिश्मा राय को राजद में शामिल करवा दिया। करिश्मा इस साल विधानसभा चुनाव में चाचा चंद्रिका राय को चुनौती देंगी। चुनाव की तैयारियों में जुटीं करिश्मा अपने इलाके के लोगों से लगातार मिल रही हैं।

चंद्रिका राय की भतीजी करिश्मा को पार्टी की सदस्यता दिलवाते तेजस्वी यादव। (फाइल फोटो)

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