Corona:सूखे कमरों और एयर कंडीशन वाली जगहों पर कोरोना ज्यादा बढ़ता है

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  • नमी वाली जगहों पर सांस के जरिए वायरस जाने की संभावना कम

इयान पी. जॉनसन. (डॉयचे वेले) 10 नई अंतरराष्ट्रीय स्टडीज का आकलन करने वाली भारतीय-जर्मन रिसर्च टीम ने पाया है कि रिलेटिव ह्यूमिडिटी के कारण घर के अंदर बैठे लोगों के बीच कोरोनावायरस तेजी से फैलता है। खासतौर से सूखे कमरों में। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा लगता है कि घर के अंदर के माहौल में हवा के जरिए कोविड 19 के फैलने में नमी की अहम भूमिका है।

भारत के सीएसआईआर नेशनल फिजिकल लेबोरेट्री के वैज्ञानिक अजीत अहलावत और जर्मनी की लीबनिज इंस्टीट्यूट फॉर ट्रोपोस्फेरिक रिसर्च के वैज्ञानिक अल्फ्रेड वीडलसोलर के नेतृत्व वाले विश्लेषकों ने यह अध्ययन किया है। इसमें कहा है कि सार्वजनिक भवनों के अंदर कम से कम 40 फीसदी नमी होनी चाहिए, जबकि अंदर मौजूद लोगों के बीच वायरस फैलने के जोखिम को कम करने के लिए इसे 60 प्रतिशत पर रोक देना चाहिए।

ट्रांसमिशन को कैसे प्रभावित करती है ह्यूमिडिटी

  • रिसर्च टीम की रिपोर्ट बताती है कि नमी वायरस के फैलने को तीन तरह से प्रभावित करती है- ड्रॉपलेट्स का आकार, वायरस से भरे हुए एयरोसोल का हवा में तैरना और सतहों पर वायरस का उतरना।
  • नमी वाली जगहों पर वायरल ड्रॉपलेट्स (नमक, पानी, ऑर्गेनिक्स और जुड़े हुए वायरस का सॉल्यूशन) बढ़ता है और तेजी से घटता है। ऐसे में दूसरे लोगों के सांस के साथ संक्रामक वायरल ड्रॉपलेट्स लेने की संभावना कम हो जाती है।
  • हालांकि, अंदर की सूखी हवा में इवेपोरेशन (वाष्पीकरण) के कारण छोटे हुए माइक्रो ड्रॉपलेट्स हल्के हो जाते हैं और भटकते रहते हैं। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि यह सांस के जरिए वायरस के अंदर जाने या आखिर में सतह पर जम जाने का सबसे अच्छा रास्ता है। इसके बाद सतहों पर वायरस कई दिनों तक रह सकता है।

40 से 60 प्रतिशत नमी बनाए रखना बेहतर
एक्सपर्ट्स ने कहा कि रिलेटिव रूम ह्यूमिडिटी को 40% से 60% तक बनाए रखना किसी व्यक्ति की नाक के जरिए वायरस सोखने को कम कर सकता है। अहलावत कहते हैं कि “सूखी हवा भी हमारी नाक में मौजूद म्यूकस मैंब्रेन को सूखा और वायरस के लिए योग्य बना देती है।”

सर्दी बन सकती है लाखों लोगों के लिए खतरा

  • अल्फ्रेड ने चेतावनी दी है कि उत्तरी हेमिस्फीयर से आ रही ठंड का मतलब गर्म कमरों में बैठे लाखों लोगों के लिए जोखिम का बढ़ना है, क्योंकि बाहर की ठंडी हवा को आमतौर पर एसी सिस्टम के जरिए अंदर खींच लिया जाता है।
  • बाहर बह रही इस हवा को अंदर के आरामदायक तापमान पर गर्म करना अंदर की रिलेटिव ह्यूमिडिटी को कम कर देगा। पेपर्स के मुताबिक, इससे घर के अंदर रहने वाले लोगों के लिए बहुत ही खतरनाक हालात बन जाएंगे। खासतौर से कोविड 19 महामारी में।
  • सिंगापुर और मलेशिया की स्टडीज को बताते हुए उन्होंने ट्रॉपिकल रेसिडेंट्स (गर्म और नमी वाले इलाकों में रहने वाले लोग) को चेतावनी दी है कि ज्यादा ठंडक करने वाले सिस्टम्स से बचें, क्योंकि बाहर की सूखी हवा कोरोना का खतरा बढ़ाएगी।

एक्सपर्ट्स की सलाह कमरे में कम से कम लोग रहें
सीएसआईआर के अहलावत कहते हैं, “अथॉरिटीज को भविष्य की इंडोर गाइडलाइन्स में नमी को भी शामिल करना चाहिए।” रिपोर्ट में बताया गया “रिसर्च की प्राप्तियों के आधार पर भविष्य में सार्वजनिक भवनों में मिनिमम RH स्टैंडर्ड बनाने से न केवल कोविड 19 का असर कम होगा, बल्कि इससे दूसरे वायरसों का प्रभाव भी कम होगा।” फिलहाल मास्क के अलावा टीम ने अपील की है कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और कमरे में जितना कम हो सके उतने कम लोग रहें।

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