CBI Day3:सुशांत के फ्लैट में दोस्त सिद्धार्थ, कुक नीरज और हेल्पर दीपेश से 3 घंटे पूछताछ, 13-14 जून की घटना के बारे में तीनों के बयान अलग-अलग

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सुशांत सिंह केस में सीबीआई जांच का रविवार को तीसरा दिन है। आज सीबीआई की टीम सुशांत के फ्लैट पर उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, हेल्पर दीपेश और कुक नीरज सिंह को लेकर पहुंची। यहां करीब 3 घंटे तक तीनों लोगों से 13 और 14 जून की घटना के बारे में सवाल किए गए। सूत्रों का कहना है कि क्राइम सीन सीक्वेंस, लाश उतारने और 13-14 जून की घटना के बारे में तीनों के बयान विरोधाभासी हैं।

सीबीआई की एक टीम आज उस वाटर स्टोन रिसॉर्ट में भी गई, जहां सुशांत ने 2 महीने गुजारे थे। टीम रिसॉर्ट में 2 घंटे रुकी। स्टाफ से यह पता किया कि जब सुशांत वहां रुके थे, तो उनका व्यवहार कैसा था। सीबीआई जल्द रिया चक्रवर्ती से भी पूछताछ करेगी। टीम सुशांत, रिया और इस केस से जुड़े दूसरे लोगों की कॉल डिटेल खंगालेगी।

तीसरे दिन सवाल-जवाब में उलझे सिद्धार्थ, दीपेश और नीरज

  • सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने बेड और पंखे की ऊंचाई को लेकर अलग-अलग बयान दिया।
  • सुशांत की लाश नीचे कैसे उतारी गई, इस बारे में नीरज का जवाब बाकियों से अलग है।
  • नीरज ने टीम को ये भी बताया कि 13 जून की रात सुशांत को एक खास सिगरेट नहीं मिली।
  • दीपेश जो कि रिया का सबसे करीबी बताया जा रहा है, वह सीबीआई को गुमराह कर रहा है।
  • सिद्धार्थ और नीरज ने क्राइम सीन सीक्वेंस के बारे में पूछे गए सवालों के अलग जवाब दिए।
  • 13 और 14 जून की घटनाओं के बारे में सिद्धार्थ और नीरज ने अलग-अलग जानकारियां दीं।
  • 8 जून की रात सुशांत और रिया के बीच क्या हुआ था, इस पर भी सिद्धार्थ का बयान अलग।

पुलिस ने जल्दबाजी में पोस्टमार्टम करवाया
सीबीआई ने शनिवार को सुशांत के फ्लैट पर घटना को री-क्रिएट किया था। साथ ही सुशांत की ऑटोप्सी करने वाले कूपर अस्पताल के 3 डॉक्टर्स से सवाल-जवाब किए। सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर्स ने बताया, ‘मुंबई पुलिस के कहने पर सुशांत का पोस्टमॉर्टम बिना कोरोना टेस्ट किए जल्दबाजी में करवाया था। रात में ही ऑटोप्सी की गई थी।’

13 जून को सुशांत के घर पार्टी नहीं हुई
सुशांत के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने शनिवार को खुलासा किया, ‘सुशांत के घर की लाइट आमतौर पर सुबह 4 बजे तक जली रहती थी। लेकिन, 13 जून की रात 10 बजे से 11 के बीच बंद हो गई थी। उस रात कोई पार्टी नहीं हुई थी। इसमें कुछ गड़बड़ लगती है।’

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