हाई ब्लड-प्रेशर की दवाएं कोरोना के इलाज में हो सकती हैं कारगर : स्टडी

0
75

कोविड-19 वायरस (Covid-19 Virus) की अब तक कोई कारगर दवा (Medicine) या वैक्सीन (Vaccine) नहीं आ सकी है. दुनियाभर के साइंटिस्ट (Scientists) अब भी इस महामारी (Pandemic) की दवा या वैक्सीन तलाशने में लगे हुए हैं. अब एक नई रिसर्च (New Research) में खुलासा हुआ है कि हाई ब्लडप्रेशर (High Blood-Pressure) की दवाओं से कोविड-19 से जीवित रहने की दर में सुधार हो सकता है. साथ ही इससे कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीरता में भी कमी आ सकती है. यह बात एक अध्ययन में सामने आई है.

28,000 रोगियों पर अध्ययन किया गया है
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया के अध्ययनकर्ताओं ने उच्च रक्तचाप की दवाएं ले रहे 28,000 रोगियों पर अध्ययन किया है. ‘करंट एथरोस्कलेरोसिस रिपोर्ट्स’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि हाई ब्लड-प्रेशर की दवाएं एंजियोटेंसिन-कन्वर्जिंग एंजाइम इनहिबिटर्स(एसीईआई) या एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर्स (एआरबीएस) ले रहे उन रोगियों के गंभीर रूप से कोविड-19 की चपेट में आने या मौत का खतरा कम है जो उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया का अध्ययन
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया के नोविक मेडिकल स्कूल की ओर से इस अध्ययन में शामिल प्रमुख अध्ययनकर्ता वैसिलियोस वैसिलिओऊ ने कहा, ‘हमने पाया कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित एक तिहाई कोविड-19 रोगी और कुल रोगियों के चौथाई रोगियों को एसीईआई या एआरबीएस दी जा रही हैं. हो सकता है कि ऐसा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीजों के संक्रमण की चपेटे में आने के खतरे को देखते हुए किया जा रहा हो.

31 लाख से ज्यादा हुई संक्रमितों की संख्या
भारत में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 3,106,348 हो चुकी हैं. इनमें 2,338,035 लोग रिकवर भी हो चुके हैं. 710,771 एक्टिव केस हैं. 57,542 लोग महामारी की वजह से जान गंवा चुके हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.