इंटरपोल ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी की पत्नी एमी मोदी के खिलाफ धन शोधन के आरोपों में एक वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर वैश्विक पुलिस निकाय इंटरपोल ने ‘रेड नोटिस’ जारी किया है। एक बार भगोड़े के खिलाफ जारी किए गए इस तरह के नोटिस के बाद, इंटरपोल अपने 192 सदस्यीय देशों को उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने के लिए कहता है, जब उसे उनके देशों में देखा जाता है। इसके बाद प्रत्यर्पण या निर्वासन की कार्यवाही शुरू हो सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि 2018 में बैंक धोखाधड़ी का कथित मामला प्रकाश में आने के तुरंत बाद एमी मोदी देश छोड़ चुकी हैं।
ईडी ने एमी मोदी पर अपने पति नीरव मोदी के अलावा उसके रिश्तेदार मेहुल चोकसी और अन्य पर धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरेाप लगाया है। लंदन में मार्च, 2019 में गिरफ्तार किए जाने के बाद नीरव मोदी (49) इस समय ब्रिटेन की जेल में है। इस वर्ष की शुरूआत में मुंबई की एक अदालत ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था और उसकी संपत्तियों को जब्त किये जाने के भी आदेश दिए थे।

ईडी नीरव मोदी से संबंधित लगभग 329 करोड़ रुपये की संपत्तियों को पहले ही जब्त कर चुकी है। गौरतलब है कि मुंबई में पीएनबी की एक शाखा में दो अरब डॉलर से अधिक की कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में धनशोधन के आरोपों में ईडी नीरव मोदी, चोकसी और अन्य की जांच कर रहा है।

बता दें कि इससे पहले जुलाई के महीने में भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की ब्रिटेन में न्यायिक हिरासत छह अगस्त तक बढ़ा दी गई थी। मोदी पर यहां भारत को प्रत्यर्पण किए जाने के मामले की सुनवाई चल रही है। छह अगस्त को ब्रिटेन की एक अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नीरव को पेश किया गया था। इसके बाद फिर नीरव मोदी की हिरासत अवधि 27 अगस्त तक बढ़ा दी गई। पिछले वर्ष मार्च में गिरफ्तारी के बाद से ही 49 वर्षीय हीरा व्यवसायी दक्षिण-पश्चिम लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है। 

गौरतलब है कि नीरव ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। इसे लेकर भारत में विभिन्न जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।इस मामले में मोदी के सहयोगी मेहुल चौकसी भी भारत में वांछित है।

नीरव के प्रत्यपर्ण मामले में दूसरे दौर की सुनवाई सितंबर से शुरू होनी है। इस मामले में पहले चरण की चार दिन की सुनवाई जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजे की अध्यक्षता में मई में हुई थी। बाद में लॉकडाउन के चलते उनकी दूसरे दौर की पांच दिन की सुनवाई सात सितंबर से होना तय किया गया है।

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