एक वक्त था जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ट्विटर का मजाक उड़ाया करते थे. खास तौर पर वर्ष 2015 में जब वे आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के खिलाफ थे. इस दौरान 9 अगस्त 2015 का वह ट्वीट बिहार की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोगों को याद है जिसमें सीएम नीतीश ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, आखिरकार हमें ऐसी सरकार मिली है जो सही मायने में ‘केंद्रीय ट्विटर सरकार’ है जिसकी सुनवाई से कार्यवाही तक का काम सिर्फ ट्विटर पर ही होता है. उसी दौर में सीएम नीतीश ने कहा था कि आज कल लोग चिचियाते रहते हैं. खैर वह दौर कुछ और था और अब कुछ और.

आज नीतीश कुमार ऐसे राजनेता बन चुके हैं जो बिहार की राजनीति में ट्विटर पर नम्बर वन के पोजिशन पर ट्रेंड कर रहे हैं. दरअसल नीतीश कुमार ने फॉलोइंग के मामले में लालू प्रसाद यादव को पछाड़ दिया है. उके ट्विटर अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 5.9 मिलियन यानी की यानी 59 लाख हो गई है. वहीं लालू प्रसाद यादव के ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या 5. 3 मिलयिन यानी 53 लाख है. जाहिर है बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं तो इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है.जेडीयू नेता संजय सिंह कहते हैं कि यह हमारे नेता की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है. कुछ ऐसा ही बयान बीजेपी की तरफ से भी आया है. बीजेपी विधायक नितिन नवीन कहते हैं कि नीतीश कुमार हर दिल आजीज हैं. पिछले पन्द्रह सालों से जनता के दिल मे राज करते हैं. इसकी बानगी ट्विटर के माध्यम से दिखने लगी है. इधर इन सब के बीच RJD नेता मृत्युंजय तिवारी यह कहते हैं कि सोशल मीडिया पर चाहे जो नम्बर वन पर हो, लेकिन हकीकत में बिहार की सियासत में नंबर वन पर लालू यादव रहे हैं और आगे भी रहेंगे.

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