लॉकडाउन के दौरान देश भर के कॉलेज-यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन क्लासेस के जरिए सिलेबस पूरा किया गया। लेकिन, इस बीच कई स्टूडेंट्स ऐसे थे जो सुदूर क्षेत्रों में रहते हुए ऑनलाइन एजुकेशन के लिए संसाधन जुटाने में असमर्थ थे। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स क्लास अटेंड ही नहीं कर पाए।

देश भर की सेंट्रल यूनिवसिर्टीज के फैकल्टी मेंबर्स मिलकर इन स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन कंटेंट तैयार कर रहे हैं। यह कंटेंट केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट ‘स्वयंप्रभा’ के जरिए प्रसारित किया जाएगा।

28 अगस्त से होगा प्रसारण

इस कैम्पेन के तहत सेंट्रल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ने कुल 300 घंटों के लैक्चर रिकॉर्ड किए हैं। IIT Madras को इस कैम्पेन का कॉर्डिनेटर बनाया गया है। संस्थान का दावा है कि 28 अगस्त से फैकल्टी द्वारा तैयार किए गए लैक्चर्स का प्रसारण शुरू हो जाएगा। यह लैक्चर खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में रह रहे स्टूडेंट्स को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।

40 घंटे के लैक्चर को 10 घंटे का बनाया, जिससे जल्दी सीख सकें छात्र

छात्रों के पास अब सिलेबस पूरा करने के लिए समय कम है। ऐसे में 40-50 घंटे के लैक्चर को कम करके 10-15 घंटे का बनाया गया है। जिससे छात्र जल्दी सीख सकें। और कम समय में ज्यादा सिलेबस कवर कर सकें।

32 डीटीएच चैनलों पर होगा प्रसारण

केंद्र सरकार के ‘स्वयंप्रभा’ प्रोजेक्ट में 32 डीटीएच चैनल शामिल हैं। इनमें GSAT-15 सैटेलाइट के जरिए 24 घंटे एजुकेशन से जुड़े प्रोग्राम ही प्रसारित किए जाते हैं। एक प्रोग्राम दिन में कई बार रिपीट भी होता है। जिससे स्टूडेंट्स अपनी सुविधा अनुसार लैक्चर अटेंड कर सकें।

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