बेतिया:खालिद हत्याकांड का हुआ खुलासा, मर्डर की अजब कहानी सुन पुलिस के भी उड़े होश

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बिहार के बेतिया (Bettiah) में विवादित जमीन को लेकर नगर परिषद सभापति और उनके व्यवसाई पति रोहित सिकारिया (Rohit Sikaria) को फंसाने के लिए एक ऐसी साजिश रची गई, जिसमें हत्या किसी और की, तो पहचान किसी और की हुई. जबकि आरोप किसी और पर लगा. हालांकि इस मामले में बेतिया पुलिस (Bettiah Police) ने चार दिन के भीतर जब सनसनीखेज खुलासा किया तो सभी के होश उड़ गए. इस मामले में राहत की सांस लेते हुए पुलिस ने कहा कि खालिद अभी जिंदा है.

खालिद हत्याकांड का हुआ खुलासा, मर्डर की अजब कहानी सुन पुलिस के भी उड़े होश

ये है पूरा मामला
बेतिया में हाई प्रोफाइल खालिद हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृत खालिद को दिल्ली से तलाश निकाला जिसके बाद यह केस पूरी तरह पलट गया है. यह हत्याकांड जिले का राजनीतिक मुद्दा बन गया था, वहीं मृत खालिद के जिंदा निकलने से नगर परिषद सभापति गरिमा सिकारिया व उनके पति रोहित सिकारिया ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने हत्या करवाने का आरोप नगर परिषद सभापति और उनके पति पर लगाया था. इस मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने खालिद व उसके पिता सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिनसे कड़ी पुछताछ की जा रही है. हालांकि जिस व्‍यक्ति का शव चार टुकड़ो में मिला था उसकी पहचान नहीं हो सकी हैं.

पुलिस के मुताबिक, खालिद और उसके दोस्तों ने मिलकर ही एक व्यक्ति की हत्या की थी और जमीन विवाद में नगर परिषद सभापति और उनके पति को फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में खालिद के पिता को भी पुलिस को गुमराह करने के आरोप में गिरफ्तार किया हैं, लेकिन गिरफ्तार लोगों ने अब तक पुलिस को यह नहीं बताया है कि आखिर वह लाश किसकी थी जिसे खालिद के पिता ने अपना बेटा बताया था.
एसपी निताशा गुरिया ने कही ये बात

इस बाबत जानकारी देते हुए एसपी निताशा गुरिया ने बताया कि यह मामला काफी हाई प्रोफाइल हो गया था जिसे लेकर एसडीपीओ सदर व खुद के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और टीम ने जांच शुरू कर चार दिन के अन्दर ही इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए मृत खालिद को जिंदा दिल्ली से बरामद कर लिया. एसपी ने टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मीयो को पुरस्कृत करने का भी ऐलान किया है. एसपी ने बताया कि 22 अगस्त की रात को एक युवक का सिर मिला था जिसे उस दिन आसपास के इलाके के लोगों ने पहचानने से इन्कार कर दिया था और 23 अगस्त की सुबह बोरे में बंद एक शव मिला था जिसकी पहचान अख्तर हुसैन ने अपने बेटे खालिद के रूप में की गई थी. वहीं, मौके से एक धमकी भरा पत्र भी मिला था जिसमें बियाडा की विवादीत जमीन छोड़ने की धमकी दी गई थी जिसको लेकर परिजनों ने सीधा आरोप नगर परिषद सभापति व उनके पति पर लगाया था. जबकि इस हत्या को लेकर परिजनों और स्‍थानीय लोगों ने जमकर बवाल भी मचाया था और विपक्षी पार्टी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही थी, लेकिन यह सब एक सोची समझी साजिश थी जिसे पुलिस ने बेनकाब कर दिया है.

खालिद ने उगला सच
पुलिस गिरफ्त में आ चुके मो.अब्दुल खालिद हुसैन ने बताया कि यह सब साजिश बेलदारी के एक युवक शादिक के कहने पर की थी और इसके लिए उसने 20 हजार रुपये दिए थे. शादिक ने उसे नरकटियागंज छोड़ा था जहां से वह अपने दोस्त रंजीत के साथ दिल्ली चला गया था और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

बहरहाल, बेतिया पुलिस को इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस सुलझ जाने के बाद राहत मिली है. वहीं, अभी तक कई ऐसे सवाल हैं जिसका जवाब बेतिया पुलिस तलाशने में लगी हुई है. सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर मरने वाला वह युवक कौन था जिसकी हत्या खालिद व उसके लोगों ने की थी और इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन है.

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