रक्षा मंत्रालय ने पिनाका रॉकेट लांचर खरीदने के लिए 2580 करोड़ का समझौता किया

0
63

रक्षा मंत्रालय ने छह सैन्य रेजिमेंट के लिए 2580 करोड़ रुपये की लागत से पिनाका रॉकेट लांचर खरीदने को लेकर सोमवार को दो अग्रणी घरेलू रक्षा कंपनियों के साथ समझौता किया. अधिकारियों ने बतायाा कि पिनाका रेजिमेंट को सैन्य बलों की संचालन तैयारियां बढ़ाने के लिए चीन और पाकिस्तान के साथ लगती भारतीय सीमा पर तैनात किया जाएगा.

बता दें कि पिनाका मिसाइलें 75 किमी दूर मौजूद दुश्मन के परखच्चे उड़ा देने में सक्षम हैं. टाटा पावर कंपनी लिमिटेड और लार्सन एंड टूब्रो के साथ अनुबंध पर दस्तखत किया गया है जबकि रक्षा क्षेत्र के सरकारी उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाया गया है. बीईएमएल ऐसे वाहनों की आपूर्ति करेगी जिस पर रॉकेट लांचर को रखा जाएगा.

रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री ने 70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री की परियोजना को मंजूरी दी
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि छह पिनाका रेजिमेंट में ‘ऑटोमेटेड गन एमिंग एंड पोजिशनिंग सिस्टम’(एजीएपीएस) के साथ 114 लांचर और 45 कमान पोस्ट भी होंगे. बयान में कहा गया कि मिसाइल रेजिमेंट का संचालन 2024 तक शुरू करने की योजना है .
इसमें कहा गया कि हथियार प्रणाली में 70 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परियोजना को मंजूरी दी है .

DRDO ने विकसित किया है आत्मनिर्भर बनाने वाला पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम
यह भी बता दें कि पिनाका मल्टीपल लांच रॉकेट सिस्टम (MLRS) को डीआरडीओ ने विकसित किया है.मंत्रालय ने बताया, ‘‘यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जो ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रदर्शित करती है.’’ डीआरडीओ, रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए नये सिरे से काम कर रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.