लखीसराय:नक्सलियों ने श्रृंगीऋषि धाम के अपहृत पुजारी को मार डाला

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लखीसराय में नक्सलियों ने श्रृंगीऋषि धाम के अपहृत पुजारी की हत्या कर दी। इसके बाद नक्सलियों ने श्रृंगीऋषि धाम के अपहृत पुजारी नीरज झा के मुख्य पुजारी सह अपहृत के पिता राजेंद्र झा को फोनकर कहा कि हनुमान थान के पास बेटे का शव पड़ा है, ले जाओ। जब परिवार वाले वहां गए तो हनुमान थान के पास एक शव तो मिला, शव बहुत ही क्षतविक्षत अवस्था में थी उसे पशुओं ने बुरी तरह से विक्षत कर दिया था। 

पहले परिजनों ने शव को पहचानने से इन्कार किया, तो यह माना जाने लगा था कि पुजारी नीरज अब भी जीवित हैं और नक्सलियों के चंगुल में हैं। इसके बाद सोमवार को शव को कजरा थाना लाया गया और वहां एकबार फिर परिजनों पर दबाव बनाते हुए पुलिस ने शव की पहचान कराने की कोशिश की। जब नीरज के बडे़ भाई श्रृंगी ऋषि के पुजारी पंकज झा ने शव को गहनता से देखा तो मृतक के शरीर में जो जेनऊ मिले, उसे देखने के बाद शव नीरज के ही होने पर बड़े भाई ने हामी भरी। मृतक के पैर के अंगूठे से भी शव नीरज के ही होने की पुष्टि पंकज ने की है। इधर शव की पहचान नीरज के रूप में होने के बाद से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। प्रसिद्ध श्रंगी ऋषिधाम के पुजारी की हत्या की चर्चा हर जगह होने लगी। 

22 अगस्त को हुआ था नीरज का अपहरण 
यहां बता दें कि 22 अगस्त को पूजा के दौरान ही नक्सलियों ने श्रृंगी ऋषि के पुजारी नीरज का अपहरण कर लिया था। नीरज के अपहरण के बाद नक्सलियों ने परिजनों ने एक करोड़ रुपये फिरौती की डिमांड की थी। अपहरण के अगले दिन यानी 23 अगस्त की शाम नक्सलियों ने यह तक कह डाला कि मात्र 12 घंटे का समय दे रहा हूं, यदि फिरौती की रकम नहीं पहुंची तो अंजाम बुरा हो सकता है। इसके बावजूद परिजन लगातार नक्सलियों के संपर्क में रहकर खुद के पास पैसे न होने की बात बताते हुए उनलोगों की गलतफहमियों को दूर करते दिखे। 
 
बालेश्वर व अर्जुन के घर हुई थी कार्रवाई
अपहरण की घटना के बाद पुलिस की लगातार किरकिरी होती दिखी। पुलिस ने अपने स्तर से हर जगह कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाते हुए पुजारी की बरामदगी की कोशिश की, लेकिन कहीं भी पुलिस को सुराग नहीं मिल सका। हालांकि इस बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के एरिया कमांडर व कुख्यात नक्सली अर्जुन कोड़ा के घर की कुर्की की कार्रवाई की। इतना ही नहीं पुलिस ने एक मामले में बालेश्वर की पत्नी मंगरी देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नक्सलियों के विरुद्ध हुई इस कार्रवाई के बाद से भी नक्सलियों में बौखलाहट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। 

नक्सलियों से नहीं बन पा रही थी बात
नीरज के अपहरण के बाद परिजन लगातार नक्सलियों से बातचीत करते रहे। हालांकि नक्सलियों की डिमांड के बाद परिजनों की बात नहीं बन पा रही थी। परिजन लगातार खुद के पास रुपये न होने की बात कहते दिखे, तो नक्सली अपनी राशि घटाते दिखे। पहले एक करोड़ की डिमांड हुई, फिर राशि घटकर 50 लाख पहुंच गई। सूत्रों ने यह भी बताया कि मामला 25 लाख तक भी आकर अटक गया था। इस बीच बीते शुक्रवार को इस बात की अफवाह फैली कि महज पांच से छह लाख की डिमांड पूरी करने के बाद नीरज झा नक्सलियों के चंगुल से रिहा हो गए हैं। हालांकि यह महज अफवाह मात्र रहा।

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