कोईलवर में सोन नदी पर बनकर तैयार, जाम से मिलेगी निजात

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राजधानी पटना को आरा, बक्सर, कैमूर, रोहतास समेत उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाला और बिहार की जीवन रेखा कहलाने वाले भोजपुर के कोईलवर स्थित सोन नदी पर बने ऐतिहासिक अब्दुलबार पुल यानी कोईलवर पुल (Koilwar Bridge) के समानांतर दूसरा नया पुल बनकर तैयार है. सोन नदी पर बन रहे नए 6 लेन (Six Lane Bridge) पुल का दक्षिणी लेन यानी बायां लेन लगभग बनकर तैयार हो गया है जिसकी शुरुआत होते ही अब सड़क यातायात पूरी तरह से इस नए पुल पर शिफ्ट हो जाएगा जबकि रेल का परिचालन पुराने अब्दुल बारी पुल से ही जारी रहेगा.

आरा-बक्सर के अलावा छपरा के लोगों को भी मिलेगी राहत

नया पुल बन जाने से अब्दुल बारी पुल और इससे संबंधित आरा-पटना NH 30, आरा-छपरा गंगा पुल रोड समेत अन्य लिंक रोड में भी जाम से राहत मिलेगी. बता दें कि इस पुल की शुरुआत पटना जिला के बिहटा की ओर आरा सांसद सह केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने की थी. नवनिर्मित 6 लेन पुल का एक हिस्सा 31 मार्च 2020 तक ही कम्पलीट हो जाना था लेकिन कोरोना महामारी की वजह से निर्माण कार्य बाधित हो गया जिससे एक हिस्सा बनने में देर हुई. अब 3 लेन वाला एक हिस्सा के पूरा होने के बाद अनुमान है कि इस महीने के 10 तारीख से पहले इसे लोगों के हवाले कर दिया जाएगा.

फिर से जाम कर दिया कोइलवर पुल – Patna Now – Local News Patna | Breaking  News Patna | Patna News
पुराना पुल जिसपर जाम अक्सर लगा करता था

194 करोड़ की लागत से बना है पुल
बता दें कि 1.528 किलोमीटर लंबे इस पुल में कुल 74 स्पेन हैं जो पुल को पूरी तरह मजबूत रखेंगे. पुराने अब्दुल बारी पुल से करीब 500 मीटर उत्तर की ओर ये नया पुल बन रहा है जिसकी लागत तकरीबन 194 करोड़ है. सोन नदी में अंग्रेजों द्वारा 1962 में बनाये गए अब्दुल बारी सह कोइलवर पुल के ऊपरी लेन से अबतक रेलगाड़ियां गुजरती हैं. इसी पुल के नीचे चारपहिया वाहन भी चलते हैं. इस पुल की लंबाई 1440 मीटर है जबकि नए पुल की लंबाई 1528 मीटर होगी.

जाम से मिलेगा निजात

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस पुल के शुरू हो जाने से भोजपुर वासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी और यह पुल बिहार की दूसरी जीवनरेखा साबित होगा. बिहार को उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से जोड़ने वाला ये पुल राज्य के कई जिलों के लोगों के लिए आशा की एक किरण लेकर आया है जो घंटों जाम में फंस कर जीवन तक गंवा बैठते थे और कोई विकल्प नही होता था. फिलहाल जनता और प्रशासन दोनों को इस ऐतिहासिक पल का इंतजार है.

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