महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को धमकी देने वाला सिद्धनाथ बिहार से गिरफ्तार, बोला सुशांत को न्याय दिलाने के लिए किया था उद्धव को फोन

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को धमकी देने व्यक्ति को पुलिस ने बिहार के पूर्णिया जिला से गिरफ्तार कर लिया है. एक नेता और व्यवसायी से ठगी करने के भी उस पर आरोप हैं. साहिबगंज की पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के रहने वाले इस शातिर अपराधी को शनिवार को पकड़ा है. कृष्ण कुमार सिंह उर्फ सिद्धिनाथ सिंह (पिता जयराम सिंह) उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के धोकटी थाना क्षेत्र के ग्रामशीर, बरहरवा एवं करणछपरा का रहने वाला है.

इसके पास से एक रेडमी मोबाइल, एक माइक्रोमैक्स का मोबाइल (2 सिम वाला, एक बीएसएनएल व एक जिओ), नोकिया मोबाइल-2, माइक्रोमैक्स का मोबाइल, एमआइ कंपनी का मोबाइल (सिम संख्या 9678857255), एक कार्बन कंपनी का मोबाइल, एक सैमसंग मोबाइल (1 एयरटेल सिम), एक रेडमी मोबाइल (दो सिम), एचडीएफसी बैंक का खाता (संख्या 501001307698), पासबुक एवं एक चेक, सिद्धनाथ सिंह नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं.

इस शख्स का आपराधिक इतिहास भी है. उत्तर प्रदेश में ठगी के मामले में जेल जा चुका है. झारखंड और उत्तर प्रदेश में इसके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. झारखंड के बरहरवा थाना कांड संख्या 109/20 दिनांक 9/9/20, बरहरवा थाना कांड संख्या 111/20 दिनांक 11/9/20 और उत्तर प्रदेश के कानपुर में ठगी के मामले दर्ज हैं. कानपुर में दर्ज एक मामले में वह जेल भी जा चुका है.

दिल्ली क्राइम ब्रांच का आइजी बनकर लोगों का भयादोहन करता था उत्तर प्रदेश के बलिया का मूल निवासी सिद्धार्थ सिंह. साहिबगंज पुलिस ने उद्धव ठाकरो धमकी देने के मामले में पूर्णिया से किया गिरफ्तार.

साहिबगंज के पुलिस लाइन परिसर में एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर 9678857255 से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को 4 सितंबर को धमकी दी गयी थी. इसके बाद वरीय पुलिस पदाधिकारियों को उक्त नंबर का लोकेशन साहिबगंज में मिला, तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फोन नंबर के धारक की पहचान की.

इसके बाद उक्त नंबर से संपर्क में रहने वाले दो अन्य नंबरों के धारक से पूछताछ की गयी. दोनों मोबाइल नंबर धारकों ने पुलिस को बताया कि वह जिस व्यक्ति के बारे में वे पूछताछ कर रहे हैं, उसने खुद को दिल्ली के क्राइम ब्रांच का आइजी बताया है. वह अपना नाम एके सिंह बताता है और भयादोहन कर रहा है.

जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी. पीड़ित बरहरवा निवासी अभिजीत कुमार के आवेदन पर पुलिस ने बरहरवा थाना में कांड संख्या 109/20 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी. साथ ही एसपी ने बरहरवा एसडीपीओ पीके मिश्रा के नेतृत्व में टीम का गठन कर छापामारी शुरू कर दी.एसपी ने बताया कि 11 सितंबर को उक्त नंबर धारक कृष्ण कुमार सिंह उर्फ सिद्धनाथ सिंह (42) को पूर्णिया से गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी आइजी बनकर लोगों को ठगता था. विभिन्न शहरों में विभिन्न नामों से रहकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था.

अब सफाई दे रहा सिद्धनाथ सिंह

आरोपी सिद्धनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को फोन करने की बात कबूल की, लेकिन उसने धमकी देने की बात से इनकार किया. कहा कि सीएम को धमकी नहीं दी. फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को न्याय दिलाने के लिए उद्धव ठाकरे को फोन किया था. उसने बताया कि इंटरनेट से उद्धव ठाकरे का फोन नंबर निकालकर उस पर फोन किया था.

छापामारी दल में शामिल पुलिस अधिकारी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिव सेना के सबसे बड़े नेता उद्धव ठाकरे को धमकी देने वाले की गिरफ्तारी के लिए जो छापामारी दल बनाया गया था, उसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरहरवा पीके मिश्रा, पुलिस निरीक्षक बरहरवा पीएन झा, पुलिस अवर निरीक्षक रवींद्र कुमार सिंह, परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक सतीश आशीष तिर्की, आरक्षी राकेश कुमार शामिल थे.

मुंबई क्राइम ब्रांच ने भी की पूछताछ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को फोन पर धमकी देने वाले गिरफ्तार आरोपी सिद्धनाथ सिंह से मुंबई से आयी क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूछताछ की है, ऐसी जानकारी है. हालांकि, क्राइम ब्रांच ने इसकी पुष्टि नहीं की है. सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच की टीम ने बरहरवा जाकर आरोपी की पत्नी से पूछताछ की है.

4 ठिकाना, 4 पत्नी

सिद्धनाथ ने बिहार-झारखंड के कई जिलों में अपना ठिकाना बना रखा है. शुरुआती पूछताछ में पुलिस ने उसके 3 ठिकाने का पता लगाया है. उसका पैतृक आवास यूपी के बलिया जिला स्थित करणछपरा में है. बिहार के पूर्णिया में रजनी चौक व झारखंड के साहिबगंज के बरहरवा में ग्रामशीर में भी ठिकाना बना रखा है. पुलिस का मानना है कि भागलपुर में भी उसका ठिकाना हो सकता है. बताया जा रहा है कि इन चारों ठिकानों पर उसकी अलग-अलग पत्नियां हैं. पूर्णिया में पत्नी के अलावा उसकी 2 पुत्रियां भी हैं.

बोला : यूपी पुलिस की नौकरी छोड़ दी

सिद्धनाथ ने मीडिया को बताया की वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में पुलिस कांस्टेबल में रूप में उसकी बहाली हुई थी. उसने बीए तक की पढ़ाई की है. वर्ष 2002 में उसने पुलिस की नौकरी छोड़ दी. इसके बाद 2003 में भाजपा में शामिल हो गया. अटल हिंदी फाउंडेशन, हिंदू महासभा, ग्राम सेवा समिति सहित अन्य संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर रहा. फिर उसका राजनीति से मोह भंग हो गया. उसने बरहरवा में ट्रैक्टर की खरीद-बिक्री का कारोबार शुरू किया. बाकूड़ी में उसने पत्थर खदान भी खरीदी.

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