लोकसभा में वेतन कटौती बिल के बाद आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 भी पारित

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संसद में मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। राज्यसभा की कार्यवाही कल सुबह 9 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा की कार्यवाही दूसरी पाली में शुरू हुई। आज भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि भारत चीन से निपटने के लिए तैयार है। इससे पहले, सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, सरकार ने राज्यसभा में पांच बिल पेश किए, जिसमें मंत्रियों के वेतन को कम करने वाला बिल भी शामिल था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंत्रियों के वेतन और भत्ते (संशोधन) विधेयक, 2020 पेश किए। उच्च सदन के एजेंडे के अनुसार, विधेयक को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किया जाना था। इसी वर्ष, सरकार ने मंत्रियों का वेतन और भत्ते (संशोधन) अध्यादेश, 2020 जारी किया था, जिसमें कोरोना वायरस के मद्देनजर मंत्रियों के भत्ते में 30 प्रतिशत की कटौती का प्रावधान था।

लोकसभा ने आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 को मंजूरी दी

लोकसभा में संसद के सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक 2020 को पारित होने के बाद लोकसभा ने मंगलवार को आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का विपक्षी दलों के अलावा केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक शिरोमणि अकाली दल ने भी विरोध किया। अकाली दल ने विधेयक और अध्यदेश को वापस लेने की सरकार से मांग की।

केंद्र ने कहा, कृषि क्षेत्र में एफडीआई को मिलेगा बढ़ावा
आवश्यक वस्तु अधिनियम को 1955 में संसद ने पारित किया था. तब से सरकार इस कानून की मदद से ‘आवश्यक वस्तुओं’ का उत्पादन, आपूर्ति और वितरण नियंत्रित करती है. इससे आवश्‍यक वस्‍तुएं उपभोक्ताओं को मुनासिब दाम पर उपलब्ध होती हैं. अब मोदी सरकार का कहना है कि संशोधित विधेयक से उत्‍पाद, उत्‍पाद सीमा, आवाजाही, वितरण व आपूर्ति की आजादी मिलेगी और बिक्री की अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र और विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश आकर्षित होगा.

निचले सदन में चर्चा का जवाब देते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि इस विधेयक से कृषि क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया जा सकेगा. इससे किसान मजबूत होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. इससे कृषि क्षेत्र में कारोबार के अनुकूल माहौल बनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) को मजबूती मिलेगी. राज्‍यमंत्री के जवाब के बाद विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते हुए लोकसभा में ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी गई. इससे जुड़ा अध्यादेश 5 जून 2020 को जारी किया गया था.

‘खाद्य वस्‍तुओं की कीमत पर नियंत्रण का प्रावधान नहीं’
राज्‍यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार के लिए मुख्यमंत्रियों की एक उच्चाधिकार समिति बनाई गई थी. विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गए हैं, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा व खरीद बढ़ेगी और किसानों को अपने उत्‍पाद का उचित मूल्य मिलेगा. इस पर शिवसेना के राहुल शेवाले ने कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण को लेकर इसमें कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान करना जरूरी है. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.

बसपा का आरोप, किसान विरोधी है संशोधन विधेयक
जदयू के कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए पूरा प्रयास होना चाहिए. इस विधेयक से कीमतों को नियंत्रण करने में मदद मिलेगी. बीजू जनता दल के भतृहरि महताब ने कहा कि कीमतों के नियंत्रण को लेकर सशक्त व्यवस्था होनी चाहिए. बसपा के कुंवर दानिश अली ने आरोप लगाया कि यह विधेयक किसान विरोधी है और बिचौलियों को फायदा पहुंचाने वाला है. राकांपा के श्रीनिवास पाटिल और कुछ अन्य सदस्यों ने भी संशोधन विधेयक का विरोध किया.केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सुखवीर सिंह बादल ने कहा कि इस कानून को लेकर पंजाब के किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों के बीच बहुत आशंकाएं हैं. सरकार को इस विधेयक और अध्यादेश को वापस लेना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सौगत राय ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में पहले भी संशोधन हुए हैं, लेकिन मौजूदा संशोधन कानून को कमजोर करने वाला है. संशोधित विधेयक से किसानों के बजाय बिचौलियों को फायदा पहुंचेगा

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने महामारी रोग (संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो वह इस वर्ष जारी अध्यादेश का स्थान ले लेगा जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से संबंधित है। हर्षवर्धन ने केंद्रीय होम्योपैथी परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 और भारत के केंद्रीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 भी पेश किए।

भारत हर स्थिति से निपटने को तैयार- राजनाथ सिंह

इससे पहले मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने उन्हें लद्दाख की पूर्वी सीमाओं पर हाल की गतिविधियों से अवगत कराया और इस दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा किए गए बलिदानों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद एक गंभीर मुद्दा है और दोनों देश यहां शांति बनाए रखने के लिए सहमत हुए हैं। भारतीय सैनिकों की बहादुरी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारी सेना उनकी रक्षा कर रही है उससे हमें गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि वे आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

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