वैशाली: रघुवंश बाबू की अंतिम यात्रा में शामिल पॉकेटमार गैंग के 7 सदस्यों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ी थी. अंतिम यात्रा में दूर-दूर से नेता, समाजसेवी और समर्थक जुटे थे. लेकिन शवयात्रा की इस भीड़ पर उचक्कों की भी नजर थी. शवयात्रा के दौरान पटना के उचक्कों की एक पूरी गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ी है , जिसने भीड़ में कई लोगों के कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया था.

खास चोरी की नीयत से गए थे वैशाली

दरअसल, लोकप्रिय नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की अंतिम यात्रा के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी थी और हजारों की संख्या में लोग शवयात्रा में शामिल थे. इस बीच खबर मिली की शवयात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों के मोबाइल और पर्स गायब हुए हैं.शवयात्रा के दौरान भारी पुलिस बल का भी इंतजाम था. ऐसे में पुलिस तुरंत सक्रीय हुई और भीड़ के बीच ही 7 शातिर उचक्कों को गिरफ्तार कर लिया. हैरान करने वाली बात ये सामने आई की सभी शातिर उचक्के शवयात्रा के दौरान ख़ास चोरी की नीयत से पटना से वैशाली आये थे.

पुलिस गिरफ्त से फरार हुए एक उचक्का

शवयात्रा में चोरी करने वाले इस गैंग के मामले में एक ट्विस्ट फिर तब आया जब पकड़े गए शातिर उचक्कों में से एक फरार हो गया. दरअसल, गिरफ्तार उचक्कों को जेल भेजने से पहले कोविड टेस्ट के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल लाया गया था. इसी बीच उचक्कों में से एक पुलिस को चकमा देकर फिर फरार हो गया. पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद उचक्कों को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस अस्पताल में इधर-उधर भागती दिखी.

Vaishali: Police arrested 7 member of Pocketmar gang involved in Raghuvansh Babu's last visit ann

पुलिस अधिकारियों ने कही यह बात

उचक्कों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी ने बताया की सभी आरोपी शातिर उचक्के थे और पटना के रहने वाले थे. लालगंज थाना के एसआई महेश्वर प्रसाद ने बताया कि फरार उचक्के के बारे में मुझे जानकारी नहीं है. वहीं SHO लालगंज थाना सुनील कुमार ने बताया कि रघुवंश बाबू की शवयात्रा में जगह-जगह पॉकेटमारी हो रही थी. ऐसा में 6-7 लोगों को पकड़ा गया था. सभी पटना के है. उन्हें कोरोना जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से एक उचक्का रस्सी सरका कर भाग गया. फरार उच्चका पटना फुलवारीशरीफ का था.

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