विदेशी चंदा कानून में संशोधन करेगी केंद्र सरकार, अब NGO रजिस्‍ट्रेशन के लिए Aadhaar होगा जरूरी

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केंद्र सरकार विदेशी अंशदान (नियमन) कानून (FCRA) में बदलाव करने की तैयारी में है. इसके लिए मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2020 पेश किया जाएगा. इसमें प्रावधान होगा कि केंद्र सरकार किसी गैर-सरकारी संगठन (NGO) या एसोसिएशन को अपना एफसीआरए प्रमाणपत्र वापस करने की मंजूरी दे सकेगी. मसौदा विधेयक में कहा गया है कि एफसीआरए के तहत आने वाले संगठनों को कुल विदेशी फंड का 20 फीसदी से ज्यादा प्रशासनिक खर्च में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. बता दें कि अभी ये सीमा 50 फीसदी है.

2011 में लागू कानून में दो बार किया जा चुका है संशोधन
विदेशी अंशदान (योगदान) विधेयक, 2010 को लोगों या एसोसिएशन या कंपनियों के विदेशी चंदे के इस्तेमाल को नियमित करने के लिए लागू किया गया था. इसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि के लिए विदेशी चंदा लेने या इस्तेमाल पर पाबंदी है. मसौदे में कहा गया है कि ये कानून 1 मई 2011 को लागू हुआ था. दो बार इसमें संशोधन हो चुका है. वित्त कानून की धारा-236 के जरिये पहला संशोधन हुआ. इसके बाद वित्त कानून, 2018 की धारा-220 के जरिये दूसरा संशोधन किया गया था.

एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2020 में कहा गया है कि हर साल हजारों करोड़ रुपये के विदेशी चंदे के इस्तेमाल और समाज कल्याण का काम करने वाले ‘वास्तविक’ गैर-सरकारी संगठनों या एसोसिएशनों के भुगतान में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने के लिए संशोधन किया जाना जरूरी है. मसौदा विधेयक में कहा गया है कि एफसीआरए के तहत पूर्व अनुमति या पंजीकरण या एफसीआरए के लाइसेंस नवीकरण का अनुरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब अपने सभी पदाधिकारियों या निदेशकों के आधार नंबर देने होंगे.

सरकारी अधिकारी या विभाग नहीं ले सकेंगे विदेशी चंदा
संशोधन विधेयक में कहा गया है कि विदेशी नागरिक होने पर पासपोर्ट की एक प्रति या ओसीआई कार्ड की प्रति देना जरूरी होगा. इसमें लोक सेवकऔर सरकार या इसके नियंत्रण वाले निगम को ऐसी इकाइयों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है, जो विदेशी अनुदान हासिल नहीं कर सकती हैं. आसान शब्‍दों में समझें तो कोई भी सरकारी विभाग या अधिकारी विदेशी चंदा नहीं ले सकेगा. बता दें कि एफसीआरए के तहत पंजीकृत एनजीओ को 2016-17 और 2018-19 के बीच 58,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी फंड मिला. इस समय देश में करीब 22,400 एनजीओ हैं.

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