पूर्वी बिहार और मगध क्षेत्र में हिंसक घटना कर सकते हैं नक्सली, पुलिस हेडक्वार्टर ने जारी किया अलर्ट

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नक्सली पूर्वी बिहार और मगध क्षेत्र में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी में हैं। वे स्थापना दिवस सप्ताह मना रहे हैं जिसकी शुरुआत सोमवार से हो गयी है। इस सप्ताह भर में वे मारे गये अपने साथियों और नेताओं की मौत का बदला ले सकते हैं। 

इसको लेकर पुलिस मुख्यालय से नक्सल सेक्शन के प्रभारी आरएन प्रसाद ने नक्सल प्रभावित जिलों के एसपी को सतर्क किया है। जिन जिलों में नक्सली हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में हैं उनमें मुंगेर, जमुई, लखीसराय, बांका, गया और औरंगाबाद शामिल हैं। 

भागलपुर-जसीडीह-किऊल रेलखंड और सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी 
पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित जिलों की पुलिस को सतर्क करते हुए लिखा है कि स्थापना सप्ताह के दौरान नक्सली पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं। पुलिस पिकेट और सरकारी कार्य कर रहीं कंपनियों के ठेकेदारों पर वे हमला कर सकते हैं। नक्सली इस दौरान भागलपुर-जसीडीह, भागलपुर-किऊल और जसीडीह-किऊल के अलावा गया रूट को भी क्षति पहुंचा सकते हैं। यह भी बताया गया है कि अपने प्रभाव वाले इलाके में नक्सली ज्यादा लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। 

चुनाव का समय है, बांका में नये लीडर की है तलाश 
विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में नक्सली चुनाव को बाधित करने की पूरी कोशिश में लगे हैं। उनसे निपटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।  बांका जिले में नक्सली अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए नये लीडर की तलाश कर रहा है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान 2017 में मंटू खैरा को मार गिराया गया था। उसके बाद बांका में पिंटू राणा को जिम्मेदारी तो दी गयी है पर वह प्रभाव बढ़ाने में सफल नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि बांका के लिए मजबूत लीडर की तलाश की जा रही है। खुफिया विभाग की यह भी सूचना है कि माओवादियों के प्रवक्ता और लखीसराय में सक्रिय रहे अरविंद यादव और अन्य सहयोगी जिलों में भ्रमण कर रहे हैं और अपनी शक्ति को बढ़ाने में लगे हैं। 

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