यौन शोषण केस: पायल घोष ने अनुराग कश्यप के खिलाफ ओशीवारा पुलिस स्टेशन में शिकायत कराई दर्ज

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मशहूर डायरेक्टर अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस पायल घोष ने आज देर रात मुंबई के ओशिवारा थाने पहुंच शिकायत दर्ज कराया . पायल के साथ उनके वकील नितिन सतपुते भी थे . पायल ने आरोप लगाया है कि फिल्म निर्माता अनुराग ने उनके साथ एक बार छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी. घोष ने दावा किया था कि अनुराग उनके सामने न्यूड हो गए थे और उन्होंने उनके साथ अंतरंग होने की कोशिश की थी.

गौरतलब है कि आजतक से बात करते हुए पायल ने कहा कि अनुराग कश्यप दिखाते हैं कि वो औरतों की इज्जत करते हैं लेकिन असल जिंदगी में वो ऐसे नहीं हैं. वो नकाब पहनकर रखते हैं. उन्होंने मुझसे पहले दिन काफी अच्छा व्यवहार किया था लेकिन जब उन्होंने मुझे अपनी सिनेमा की लाइब्रेरी में बुलाया तो उन्होंने मुझसे गलत हरकत की थी. मैंने उन्हें कहा कि मैं सहज नहीं हूं तो उन्होंने कहा था कि वे कई एक्ट्रेसेस को लॉन्च कर चुके हैं और वे सभी अब तक कूल रही हैं.

इसलिए इतने साल बाद तोड़ी चुप्पी
इतनी देर से चुप्पी तोड़ने को लेकर पायल ने कहा कि मैंने कई बार इस बारे में बोलना चाहा लेकिन मेरे परिवार और करीबी दोस्तों ने मुझे चुप रहने के लिए कहा ताकि भविष्य में मुझे किसी तरह की समस्या न हो. लेकिन, हमें ऐसे लोगों की बात करनी चाहिए जो अपनी पोजिशन का दुरुपयोग करते हैं.

संसद में गूंजा पायल घोष का मामला
रविवार रात 1 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही चली। इस दौरान गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने अनुराग कश्यप का मामला संसद में उठाया. उन्होंने बिना नाम लिए दरिंदा कहकर अनुराग कश्यप को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि देश में हमारी बेटियां देवी दुर्गा की तरह पूजनीय हैं, लेकिन बॉलीवुड में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उनकी तकदीर चमकाने का दावा कर उनके साथ सौदेबाजी पर उतारू हैं.

भाजपा सांसद ने इस मुद्दे को लेकर कड़े कानून बनाने की मांग की ताकि ऐसा करने वालों कानून का डर पैदा हो. 2 दिन पहले अनुराग कश्यप ने सांसद रवि किशन पर गांजा पीने का आरोप लगाया था.

एक्ट्रेस के आरोप पर अनुराग कश्यप के वकील ने सफाई दी

अनुराग कश्यप की वकील प्रियंका खिमानी ने इन आरोपों के बारे में आधिकारिक बयान जारी किया. सोशल मीडिया पर इसे साझा करते हुए आरोप को झूठे और दुर्भावनापूर्ण करार दिया. वकील की ओर से फिल्म निर्माता को पीड़ित बताया गया. इसमें आगे कहा गया है कि अब #MeToo जैसे सामाजिक आंदोलन को चरित्र हनन के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.

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