रिटायरमेंट के बाद बोले गुप्तेश्वर पांडेय- अब मैं फ्री हो गया हूं, चुनाव लड़ने के सवाल काट गए कन्नी

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चुनावी साल में रिटायरमेंट से 5 महीने पहले वीआरएस लेने वाले बिहार पुलिस के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रिटायरमेंट के बाद पहली बार मीडिया से बात की है. न्यूज 18 से बात करते हुए गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मैं अब फ्री हूं. हालांकि, उन्होंने राजनीति में जाने के सवाल पर चुप्पी साध ली और कहा कि मैं इसका फैसला अपने लोगों से बात करने के बाद लूंगा.

दरअसल, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को सेवानिवृत्ति की अवधि से 5 महीने पहले ही वीआरएस ले लिया था.

सुशांत केस पर कही यह बात
गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने कहा कि मैंने 34 साल तक ईमानदारी से अपनी ड्यूटी की. कभी किसी का फेवर नहीं किया. सुशांत के केस में मेरे VRS का कोई लेना देना नही. सुशांत के साथ मुम्बई में जो कुछ हुआ हुआ उसके बाद यहां उनके बुजुर्ग निराश बाप ने मुझसे न्याय की गुहार लगाई तो हमने काम किया. पांडेय ने कहा कि मेरी अनुशंसा पर बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, इस पर भी हंगामा हुआ. हमारे अधिकरियों के साथ गलत हुआ, इस बात को खुद सर्वोच्च न्यायालय ने कहा.

सबकी गर्दन फंसी है
उन्होने कहा कि इस मामले में सबकी गर्दन फंसी है. कभी भी कुछ भी हो सकता है. बड़े-बड़े लोग इसके अंतर्गत आ सकते हैं. उनके अंदर बौखलाहट है. बिहार की जनता को ये बात समझनी चाहिए. पहले डीजीपी था तो मर्यादा में रहकर बोलता था. अब स्वतंत्र हो गया हूं.
बिहार के पूर्व डीजीपी ने कहा कि मेरे ऊपर कई लोग हमलावर हो गए हैं, लेकिन कोई यह बताए कि मैंने डीजीपी रहते क्या अनैतिक किया है. अब मैं फ्री हो गया हूं और अब तय करूंगा कि मुझे आगे क्या करना है. दरअसल, गुप्तेश्वर पांडेय को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह लोकसभा का उपचुनाव या विधानसभा चुनाव लड़कर बिहार की सक्रिय राजनीति में आ सकते हैं.

पद पर बने रहना मुश्किल
गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि पद पर बने रहना मुश्किल था. अगर मैं इस्तीफा नहीं देता तो चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाते हैं. मुझे विवादित बना दिया गया. पॉलिटिकली कॉन्ट्रोवर्सी में डाल दिया गया. डीजीपी रहते अगर कोई एक्शन लेता तो मुझपर आरोप लगता कि ये चुनाव में किसी को फायदा पहुंचा रहे हैं.

मैं सेल्फ मेड हूं
उन्होंने कहा कि मैं बिहार की माटी का आदमी हूं. मैं पूरी तरह से सेल्फ मेड हूं. मेरे परिवार में कोई जज या कोई अधिकारी नहीं. जमीन पर बैठकर मैंने पढ़ाई की है.

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