बिहार: नदियों में बढ़ते जलस्तर से दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेन परिचालन बंद होने का खतरा

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बारिश थमने के बाद उत्तर बिहार की नदियों के उफान में कमी आ रही है। हालांकि बागमती, कमला बलान, बूढ़ी गंडक के साथ-साथ अधवारा समूह की नदियां अब भी कई जगह तबाही मचा रही हैं। बागमती नदी के दरभंगा के हायाघाट में रेलवे के मुंडा पुल के गार्डर के करीब पहुंचने से दरभंगा- समस्तीपुर रेलखंड पर एक बार फिर ट्रेनों का परिचालन बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। पूर्वी चम्पारण में सिकरहना का पानी सुगौली शहर के दस वार्डों के साथ-साथ कई पंचायतों में प्रवेश कर गया है। पश्चिम चम्पारण में ऐतिहासिक अशोक स्तंभ परिसर पांच दिनों से बाढ़ के पानी से घिरा है तो आधा दर्जन प्रमुख सड़कों पर पानी चढ़ने से आवागमन ठप है। सीतामढ़ी में अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में कमी के बावजूद कई प्रमुख मार्गों पर आवगमन ठप है।

दरभंगा में सभी नदियां खतरे के निशान के पार
दरभंगा जिले से होकर बहने वाली सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से पार हो गया है। बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद में खतरे के निशान से 88 सेमी तो हायाघाट में 8 सेमी ऊपर है। अधवारा नदी कमतौल में खतरे के निशान से 69 सेमी ऊपर बह रही है। हायाघाट में बागमती नदी का पानी फिर रेलवे के मुंडा पुल के गार्डर के करीब पहुंच गया है। इससे दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर एक बार फिर ट्रेनों का परिचालन बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। गत 24 जुलाई को यहां का जलस्तर 46.90 सेमी पर पहुंचने पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। फिलहाल यहां जलस्तर 46.72 सेमी है। उधर, घनश्यामपुर प्रखंड के 10 गांवों में बाढ़ की समस्या यथावत है।  

पश्चिम चम्पारण में नदियों का जलस्तर घटा, बाढ़ की स्थिति गंभीर
जिले में गंडक, सिकरहना आदि का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि बाढ़ की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बेतिया-नरकटियागंज, लौरिया-नरकटियागंज व लौरिया-रामनगर, बेतिया-मैनाटांड़ सड़क पर पानी चढ़ने से आवागमन ठप है। सड़कों पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। इधर, गंडक का पानी वाल्मीकिनगर में एसएसबी कैंप समेत उसके आसपास के आधा दर्जन गांवों में से धीरे-धीरे निकल रहा है।

सुगौली के दस वार्डों में घुसा बाढ़ का पानी
पूर्वी चम्पारण जिले में आधा दर्जन से अधिक प्रखंडों में बाढ़ तबाही मचा रही है। सुगौली नगर पंचायत में सोमवार सुबह बाढ़ का दस वार्डों में प्रवेश कर गया। सुगौली थाना परिसर में बाढ़ का पानी घुसने से उसे दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। उधर, अरेराज के एक दर्जन गांव कई दिनों से बाढ़ से घिरे हैं। लोग ऊंचे स्थल पर शरण लिये हैं। बंजरिया की कई पंचायतों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से भंग है। केसरिया व संग्रामपुर प्रखंड में भी बाढ़ से राहत नहीं है। मधुबन के हरदिया गांव के पास बागमती नदी से कटाव हो रहा है।      

सीतामढ़ी में बागमती व अधवारा मचा रहीं तबाही
सीतामढ़ी जिले में बागमती व अधवारा समूह के नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। अधवारा समूह के नदियों के जलस्तर में कमी हुई है। इसके बावजूद सुरसंड- सीतामढ़ी पथ के कुम्मा व सुतिहारा डायवर्सन पर आवागमन बाधित है। लोग ट्रैक्टर से आरपार कर रहे है। सुरसंड-पुपरी पथ के गोबरहिया में भी आवागमन बाधित है। लखनदेई नदी के जलस्तर में भी कमी आयी है। लेकिन, निचले इलाके के घरों में पानी अभी भी घुसा हुआ है। पुपरी के मरहा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

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