खगड़िया: एक ऐसा बाहुबली जिसने नीतीश के सामने चलाई थी गोलियां; राजनीति में दोनों पत्नियां,आपस में ठोंकेंगी ताल

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कृष्णा यादव विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं हालांकि उनकी बहन पूनम यादव खगड़िया से विधायक हैं. पूनम यादव तीन बार खगड़िया सीट से चुनाव जीत चुकी हैं और वह जेडीयू विधायक हैं.

खगड़िया में दियारा क्षेत्र होने के कारण बिहार में इसे बाहुबलियों का गढ़ माना जाता है. खगड़िया की राजनीति में हमेशा से इलाके के दबंगों का बोलबाला रहा है और वहां के ऐसे ही बाहुबली हैं रणवीर यादव जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने बंदूक लहराते हुए फायरिंग तक कर चुके हैं. रणवीर यादव 1985 के लक्ष्मीपुर-तौफीर दियारा नरसंहार के बाद सुर्खियों में आए थे और तब से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि रणवीर यादव की दो पत्नियां हैं जो आपस में सगी बहनें भी हैं. रणवीर यादव की एक पत्नी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)  तो दूसरी पत्नी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से चुनाव लड़ चुकी हैं.

कौन हैं रणवीर यादव

बाहुबली रणवीर यादव पहली बार साल 1990 में निर्दलीय विधायक बने थे. इससे पहले लक्ष्मीपुर तौफीर दियारा नरसंहार में नाम सामने आने के बाद खगड़िया से पटना तक इनका नाम गूंजने लगा था. रणवीर यादव का खगड़िया और उसके आसपास के इलाकों में गहरा प्रभाव है. रणवीर यादव एक समय में लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते थे और बाद में नीतीश कुमार से भी इन्होंने अच्छे संबंध बनाए. यही वजह है कि इनकी पत्नी को जेडीयू से दो बार विधानसभा चुनाव का टिकट मिल चुका है.

नरसंहार मामले में हुई थी उम्रकैद की सजा

साल 1985 में खगड़िया के लक्ष्मीपुर-तौफीर दियारा में भीषण नरसंहार हुआ था और इसमें 9 लोगों की हत्या हुई थी. इस मामले में रणवीर यादव को मुख्य दोषी पाया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी. रणवीर यादव जेल में इसकी सजा काट चुके हैं.

इसके अलावा रणवीर यादव पर रंगदारी, हत्या का प्रयास, लोगों को धमकाने समेत दर्जनों मामले थाने में दर्ज हैं और अभी इनपर कोर्ट का फैसला आना बाकी है.

नीतीश के सामने चला चुके हैं गोलियां

रणवीर यादव दियारा क्षेत्र में एक बड़े बाहुबली के तौर पर जाने जाते हैं. उन्होंने साल 2012 में नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा के दौरान एक कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रदर्शन पर उनके सामने बंदूक (कार्बाइन) लहराई थी और सरेआम उससे फायरिंग कर प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश की थी. 

इस मामले में रणवीर यादव और उनकी पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एक शिक्षक ने उनपर जानलेवा हमला करने का भी आरोप लगाया था.

हालांकि उस वक्त बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे शरद यादव ने इस मामले में रणवीर यादव का बचाव करते हुए पार्टी की तरफ से उन्हें क्लीन चिट दे दी थी.

भाई ने लगाया था संपत्ति कब्जाने का आरोप

साल 2015 में संपत्ति विवाद में बाहुबली रणवीर यादव के छोटे भाई बलबीर चंद ने जिले के मानसी पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि उसके बड़े भाई ने परिवारिक संपत्ति पर कब्जा कर लिया है और हिस्सा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी है.

इस मामले में बलबीर चंद ने जेडीयू विधायक पूनम यादव, पति और पूर्व विधायक रणवीर यादव, और बहन कृष्णा यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

दो सगी बहनों से की शादी

खगड़िया की राजनीति को नियंत्रित करने वाले बाहुबली रणवीर यादव ने दो शादियां की है. इनकी दोनों पत्नियां आपस में सगी बहने हैं और दोनों ही बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं. उनकी पहली पत्नी पूनम यादव हैं जबकि दूसरी पत्नी कृष्णा यादव हैं जो पूनम यादव की छोटी बहन हैं.  

एक ही छत के नीचे जेडीयू-आरजेडी की राजनीति

साल 2014 में एक ही छत के नीचे दिलचस्प राजनीति देखने को मिली थी जब उनकी पहली पत्नी पूनम यादव जेडीयू की विधायक थीं और उनकी दूसरी पत्नी कृष्णा यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं.पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट कटने से नाराज होकर आरजेडी छोड़ने वाली कृष्णा यादव की घर वापसी हो गई है. खगड़िया के चर्चित नेता रणवीर यादव की पत्नी कृष्णा कुमारी यादव एक बार फिर से आरजेडी में शामिल हो गई हैं.  कृष्णा यादव विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं हालांकि उनकी बहन पूनम यादव खगड़िया से विधायक हैं. पूनम यादव तीन बार खगड़िया सीट से चुनाव जीत चुकी हैं और वह जेडीयू विधायक हैं.लगता है इस बार दोनों बहनें एक दूसरे के खिलाफ ही ताल ठोंकेंगी।

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