पटना: रौशन अपहरण कांड में पुलिस का बड़ा खुलासा,पति ने ही पत्नी के साथ मिलकर की थी उसके आशिक की हत्या

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 पटना पुलिस ने रौशन अपहरण केस में बड़ा खुलासा किया है. रौशन की हत्या साल 2017 में ही कर दी गयी थी. रौशन के मर्डर के पीछे उसकी प्रेमिका और उसके पति का ही हाथ है. पुलिस ने इस ब्लाईंड अपरहण सह हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया है.इस मर्डर के पीछे लव एंगल है. पुलिस ने गुत्थी सुलझाते हुए हत्याकांड में शामिल रौशन की प्रेमिका और उसके पति को अरेस्ट कर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक सिपारा निवासी अरविन्द रजक के बाईस वर्षीय पुत्र रौशन के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने उसके हत्यारे दुल्हिन बजार थाना इलाके के डुमरी निवासी मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव और उसकी पत्नी आशा देवी को मसौढ़ी से अरेस्ट कर लिया है.

गिरफ्तारी के बाद मनोज ने बताया कि रौशन का उसकी पत्नी आशा देवी के साथ लव अफेयर था. जिसके विरोध में उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रौशन का मर्डर किया था और लाश को पितावास पुल के नीचे पुनपुन नदी में प्लास्टिक और तिरपाल में लपेट कर फेंक दिया था. इधर तीन साल बाद अपने गायब बेटे रौशन की हत्या हो जाने की जानकारी मिलते ही अरविन्द रजक के परिवार के सदस्यों ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया. बता दें कि रौशन के अचानक लापता हो जाने के बाद उसके पिता ने बेउर थाने में वर्ष 2017 में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण कर लिए जाने का प्राथमिकी दर्ज कराया था. बेउर थाना प्रभारी फूलचंद चौधरी का कहना है कि रौशन का गलत सम्बन्ध दुल्हिन बजार के डुमरी मूल निवासी और सिपरा में हरिश्चन्द्र नगर में रहने वाले मनोज यादव के पत्नी के साथ हो गया था. जिसका मनोज बराबर विरोध करता था लेकिन रौशन ने उसकी पत्नी आशा से रिश्ता बनाए रखा. 2017 में अज्ञात लोगों के खिलाफ बेउर थाना में रौशन के अपहरण कर लिए जाने का प्राथमिकी 236/17 दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम अनुसन्धान कर रही थी. इस कांड में अनुसंधान के दौरान पता चला की हरिश्चंद्र नगर में रहने वाले मनोज की पत्नी के साथ उसका अवैध सम्बन्ध था. पुलिस टीम ने जब मनोज को पकड़ा तो पहले तो उसके आनाकानी की लेकिन सख्ती के बाद उसने स्वीकार कर लिया की उसने रौशन की हत्या कर लाश को पुनपुन नदी में फेंक दिया था. थानेदार ने बताया की इस अवैध सम्बन्ध के चलते ही एक साजिश के तरह रौशन को मनोज की पत्नी ने अपने पास बुलाया तो उसका अपहरण करके हत्या के बाद पित्वांस पुल के निचे लाश को प्लास्टिक और तिरपाल में लपेट कर फेंक दिया गया. अब पुलिस उस इलाके और आस पास के थाना क्षेत्रो में रौशन के गायब होने के कुछ दिनों बाद नदी से किसी अज्ञात लाश की बरामदगी के बारे में छानबीन कर रही है ताकि अनुसन्धान पूरा हो सके.

तीन सालों पहले नदी में फेंकी गयी लाश के बारे में पता लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. सिपारा में लौंड्री चलाने वाले रौशन के पिता अरविन्द रजक ने बताया की पहले वे लोग सिपारा में ही रहते थे. जहां उनकी लौंड्री दुकान में बगल के हरिश्चन्द्र नगर में रहने वाले मनोज की पत्नी आशा देवी कपड़ा प्रेस करवाने आती थी. उसी दौरान उसका संबध उनके बेटे रौशन के साथ हो गया था. मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव पटना के खेतान मार्किट में ठेला चलाने का काम करता था. उनका सबसे बड़ा बेटा रौशन मसौढ़ी से बीए पार्ट वन की पढाई कर रहा था तभी वह एक दिन अचानक लापता हो गया. काफी खोजबीन के बाद उसके अपहरण का मामला दर्ज कराये थे.

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