बिहार चुनाव 2020: बाहुबली अनंत सिंह के क्या टकरा पाएंगे JDU के मोकामा वाले राजीव लोचन? क्या वाकई जदयू में मैदान छोड़ा ? ऐसे में लोजपा से लड़ाई की उम्मीद

0
365

बिहार विधानसभा चुनाव की पहले फेज के नामांकन के लिए बस 4 दिन बचे हैं. ऐसे में आज जदयू ने पहले फेज के लिए लिए अपने उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया है. लेकिन इस बीच जदयू ने मोकामा से जिस उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा है उसे लेकर लोग कन्फ्यूज हैं. अब तो चर्चा होने लगी है कि ऐसे कैंडिडेट को बाहुबली अनंत के खिलाफ उतारकर इस बार अनंत को वॉक ओवर देने की तैयारी क्या कर ली गई है?

अनंत के सामने क्या टिक पाएंगे JDU वाले राजीव लोचन

हरि अनंत, हरि कथा अनंता वाले अनंत सिंह मोकामा से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं. कोई पार्टी टिकट दे तो ठीक और नहीं भी दे तो भी ठीक. अनंत सिंह का मोकामा में क्या पकड़ है उन्होंने 2015 के चुनाव में दिखा दिया था.  जेल में बंद होने के बाद 2015 का चुनाव अनंत ने निर्दलीय होते हुए भी आसानी से जीत लिया था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा था कि अनंत के खिलाफ जदयू कोई मजबूत उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारेगा लेकिन जिस उम्मीदवार को मोकामा से टिकट दिया गया है उनकी छवि तो साफ सुथरी है लेकिन बड़ा सवाल समाने यह है कि क्या जदयू का यह प्रत्याशी अनंत सिंह के सामने चुनावी अखाड़े में टिक पाएगा या फिर चारों खाने चित होगा. सूत्रों की माने तो तो जदयू का स्थानीय खेमा भी उस उम्मीदवार को पचाने के मूड में नहीं है. गौरतलब है कि नीतीश कुमार इस बार के चुनाव में अपराधिक छवि के लोगों को टिकट नहीं देने का ऐलान किया है.इसी रणनीति के तहत बीजेपी के राजीव लोचन को जदयू का टिकट थमा दिया गया है. अब देखना होगा कि राजीव लोचन ऊर्फ अशोक नारायण जदयू को मोकामा को जीत की टिकट थमा पाते हैं या नहीं.

मैदान में कूद सकते हैं कई बाहुबली
टिकट बंटने के कुछ देर पहले तक मोकामा के ललन सिंह रेस में आगे चल रहे थे.उन्हें सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के द्वारा वेट एंड वॉच करने को कहा गया था.बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान लोजपा के ललन सिंह को बड़े ही तामझाम के साथ राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने जदयू में शामिल करवाया गया था. भरोसा दिया गया था विधानसभा का टिकट ललन सिंह को दिया जाएगा. लेकिन बेचारी ललन सिंह अंत समय में गच्चा खा गए.अब बड़ा सवाल है कि लोजपा वहां किसे मैदान में उतारती है. 

कौन हैं राजीव लोचन
जदयू ने मोकामा से राजीव लोचन को उम्मीदवार बनाया है.दरअसल राजीव लोचन वेंकटेश नारायण सिंह के बेटे हैं. बताया जाता है कि वेंकटेश नारायण सिंह अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे और जनसंघ के टिकट से मोकामा से चुनाव लड़ चुके हैं. राजीव लोचन बीजेपी के नेता हैं और जब सीपी ठाकुर जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे तब राजीव लोचन चुनाव समिति के सदस्य थे.इतना तय है कि इस बार मोकामा में चुनावी घमासान तेज होने वाला है.

लगता है अनंत सिंह को मोकामा से एक बार फिर लोजपा टी तरफ से सूरजभान की टीम देने की तैयारी कर रही है . हो सकता है ललन सिंह दुबारा लोजपा में आकार यहाँ से चुनाव लड़ सकते हैं.

विधानसभा चुनाव में मोकामा के सबसे लोकप्रिय नेता सूरजभान सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. जब-जब भी मोकामा के राजनीति की चर्चा होती है,इस बात की हमेशा चर्चा होती है कि ललन सिंह ने सूरजभान सिंह को विधायक और सांसद बनाने में जी जान लगा दी लेकिन सूरजभान सिंह ने कभी भी मन से ललन सिंह का साथ नहीं दिया.

स्थानीय नेता पूर्व सांसद सूरजभान सिंह पर निःसन्देह ये एक दाग है और उन पर एक सवालिया निशान है. उम्मीद है सूरजभान सिंह अपनी विश्वसनीयता और राजनीतिक जीवन पर लगे इस दाग को आगामी विधानसभा चुनाव में धोने का प्रयास करेंगे और अपने पूर्व सहयोगी को विधानसभा पहुंचाने में मदद करेंगे. वहीं जेल में रहने के बावजूद अनंत सिंह की लोकप्रियता में कमी नहीं आई है. अनंत सिंह के समर्थक शांत जरूर हैं लेकिन उनकी आस्था आज भी अनंत सिंह के साथ बनी हुई है. अनंत सिंह का अपना एक ग्लैमर है और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. देखना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मोकामा की जनता एक नए रंग में रंगती है या जिस रंग में है उसी रंग में रहना पसंद करती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.