बिहार चुनाव 2020: JDU से बक्सर की सीट ना मिलने पर बोले गुप्तेश्वर पांडेय- ‘अब नहीं लड़ूंगा चुनाव’

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जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल होने के दस दिनों बाद ही बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने बुधवार को कहा है कि वह आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे। चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए पांडेय को एक बड़ा झटका लगा जब जिस बक्सर सीट से वह चुनाव लड़ना चाह रहे थे वो बीजेपी के खाते में चली गई। 

हाल ही में DGP के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले पांडेय JDU के उम्मीदवार के रूप में अपने होम टाउन बक्सर से चुनाव लड़ने की रेस में थे, हालांकि, लोकसभा सांसद अश्विनी चौबे जैसे चेहरों के साथ बक्सर हमेशा से बीजेपी का मजबूत चुनावी गढ़ रहा है। विधानसभा सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के संजय कुमार ‘मुन्ना’ तिवारी का कब्ज़ा है।

इसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने फेसबुक के जरिए लंबी सफाई दी और कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, “अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं, मैं उनकी चिंता और परेशानी समझता हूं। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। निराश होने की कोई बात नहीं है। धीरज रखें। मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फोन ना करें। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है।”

“अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मज़हब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम। अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।”

दिलचस्प बात यह है कि पांडेय के पूर्व पुलिस सहयोगी सुनील कुमार को गोपालगंज जिले के भोरे से JDU द्वारा नामित किया गया है। वह हाल ही में महानिदेशक (होमगार्ड) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। JDU को बक्सर जिले में दो सीटें मिलीं- राजपुर (आरक्षित एससी) और डुमरांव – जहां इसने क्रमशः राज्य मंत्री संतोष कुमार निराला और अंजुम आरा का नाम दिया है।

सुशांत मामले से सुर्खियों में DGP 

सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में बिहार पुलिस की जांच में अहम भूमिका निभाने के बाद बिहार पूर्व डीजीपी काफी सुर्खियों में आए। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच करने के लिए बिहार पुलिस की एक टीम को मुंबई भेजा था, जिसे महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुंबई में रोक दिया गया था। पांडेय ने आरोप लगाया था कि ‘दिवंगत अभिनेता की मौत की जांच में मुंबई पुलिस निष्पक्ष नहीं थी।’ 

इससे पहले, पांडे ने 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली थी, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने उनके वीआरएस आवेदन को स्वीकार नहीं किया और उन्हें सेवा में बहाल कर दिया।

भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा की। 243 सदस्यीय विधान सभा तीन चरणों में होगी – पहला चरण 28 अक्टूबर को, दूसरा 3 नवंबर को और तीसरा 7 नवंबर को जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 10 नवंबर को होगी।

राजनीतिक मामलों के जानकार बताते हैं कि गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार विधानसभा परिषद का सदस्य बनाया जा सकता है। हालांकि, गुप्तेश्वर पांडेय इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। कहीं से भी जदयू की लिस्ट में नाम न होने के बाद पांडेय ने लिखा कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसमें हताश या निराश होने वाली कोई बात नहीं है। मेरा जीवन संघर्ष में बीता है और जीवनभर जनता की सेवा करता रहूंगा।

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