किरौली पुजारी हत्या : परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इनकार , समर्थन में धरने पर बैठे BJP सांसद किरोड़ीलाल मीणा

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राजस्थान के करौली में जलाकर मार दिए गए पुजारी के परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है. पुजारी बाबूलाल के परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. हालांकि मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा पुजारी के गांव में सैकड़ों लोगों के साथ धरने पर बैठ गए हैं. बीजेपी ने पुजारी की हत्या मामले में राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है.

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने करौली में पुजारी की हत्या मामले को लेकर सीएम अशोक गहलोत से बात की है. राज्यपाल ने इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई है. राज्यपाल सचिवालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सीएम अशोक गहलोत ने आश्वासन दिया है कि मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

दाह संस्कार की अपील

इस बीच, प्रशासन ने पुजारी के परिजनों से अंतिम संस्कार किए जाने का अनुरोध किया है. करौली के एसडीएम ओम प्रकाश मीणा ने कहा कि पुजारी बाबूलाल के परिजनों ने चौथी डिमांड भी सामने रखी है. हम सीनियर अफसरों के जरिये सरकार को उनकी मांग के बारे में बताएंगे. हम परिजनों से अपील करते हैं कि वे दाह संस्कार करें क्योंकि शव को रखे हुए दो दिन हो चुके हैं.

पुजारी के परिवार ने की यह मांग

पुजारी बाबूलाल वैष्णव के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा 6 बेटियां और एक बेटा है. परिवार ने अपराधियों को कड़ा से कड़ा दंड देने की मांग है. पुजारी की पत्नी विमला देवी ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि अपराधियों को फांसी पर लटकाया जाना चाहिए. एक अन्य रिश्तेदार ने मांग पर फोकस किया और प्रशासन से परिवार को 50 लाख रुपये और बाबूलाल के बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग की.

जानें क्या है पूरा मामला

करौली के सपोटरा क्षेत्र में बूकना गांव में मंदिर की भूमि पर कब्जा करने के लिए कैलाश पुत्र काडू मीणा, शंकर, नमो, रामलखन मीणा आदि छप्पर डाल रहे थे. पुजारी ने अतिक्रमियों को अतिक्रमण से रोका तो उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. आगजनी में पुजारी का शरीर कई जगह से झुलस गया. परिजनों ने पहले सपोटरा चिकित्सालय में पुजारी को भर्ती कराया, लेकिन स्थिति नाजुक होने पर उसे जयपुर रैफर कर दिया. जयपुर में उपचार के दौरान गुरुवार शाम सात बजे पुजारी की मौत हो गई. पुजारी के बयान के बाद सपोटरा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी भी 5 अन्य आरोपी फरार हैं.

पुजारी के पक्ष में सुनाया था पंचायत ने फैसला

पुजारी बाबूलाल वैष्णव के परिवार को 12 बीघा जमीन गांव वालों ने करीब 150 साल पहले दान में दी थी. इसी जमीन में खेतीबारी कर उनका परिवार अपना भरण पोषण करता था. इसको लेकर काफी समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी और 7 सितंबर को गांव वालों की इस मामले में पंचायत भी हुई थी. पंचायत ने बाबूलाल के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन कैलाश मीणा और उसके परिवार वाले नहीं माने. पंचायत के फैसले पर गांव के 100 लोगों का हस्ताक्षर है.

सांसद किरोड़ीमल मीणा ने की 1 लाख रुपये की मदद

बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोड़ीमल मीणा पुजारी के परिवार से शनिवार को मिले और तत्काल परिवार को 1 लाख रुपये की मदद दी. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरकार इस मामले में सुस्त है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एक बार यहां भी आकर इस गरीब परिवार का हाल देखना चाहिए. मीणा का कहना है कि परिवार और समाज की मांग है कि जबतक सरकार मांग नहीं मान लेती बाबूलाल पुजारी का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.

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