बिहार चुनाव 2020: राजद और जदयू की इन दो महिला प्रत्याशियों के चर्चा की पूरी कहानी

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 बिहार विधासनभा चुनाव के लिए पहले चरण में 28 अक्टूबर को मत डाले जाएंगे. इसको लेकर तमाम तैयारियां जोरों पर हैं और सियासत भी गर्म है. इसी सियासी गरमाहट के बीच राजनीतिक गलियारों में दो महिलाओं की भी चर्चा खूब जोरों पर है. पहली सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड से टिकट पाने वाली मंजू वर्मा , तो दूसरी राष्ट्रीय जनता दल से टिकट की ओर से टिकट पाने वाली बीणा सिंह. दरअसल इन दोनों ही महिलाओं की चर्चा की खास वजह भी है.

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड से जुड़ा है मंजू वर्मा और उके पति चंद्रशेखर वर्मा का नाम

बता दें कि मंजू वर्मा 2018 के उस मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के आरोपी की पत्नी हैं जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. यही अब चेरिया बरियारपुर से टिकट पाने वाली मंजू वर्मा को तब पार्टी ने खुद निकाल दिया था. दरअसल मंजू वर्मा उस वक्त नीतीश सरकार में समाज कल्याण विभाग की मंत्री थीं. आरोप लगा कि मंजू वर्मा की नाक के नीचे बालिका गृह कांड होता रहा और उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया.

गौरतलब है कि इस कांड के सामने आने के बाद नीतीश कुमार की काफी किरकिरी हुई उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया गया था. इस पूरे मामले में कथित रूप से मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा के भी शामिल होने की बात सामने आई थी.
इसके साथ ही बालिका गृह कांड की जांच के दौरान मंजू वर्मा के घर पर पुलिस की छापेमारी में अवैध हथियार और कई कारतूस बरामद किए गए थे. इसके बाद मंजू वर्मा और उनके पति को गिरफ्तार किया गया था और दोनों को जेल जाना पड़ा था. हालांकि, बाद में दोनों को जमानत मिल गई थी.

रामा सिंह की RJD में इंट्री पर रघुवंश बाबू  छोड़ी थी पार्टी, तेजस्वी ने पत्नी को दे दिया टिकट

राष्ट्रीय जनता दल ने बाहुबली माने जाने वाले पूर्व सांसद रामा सिंह को टिकट न देकर उनकी पत्नी बीणा सिंह को महनार विधानसभा सीट से टिकट दिया है. बता दें कि बीते 29 जून और 29 अगस्त को रामा सिंह के आरजेडी ज्वाइन करने की खबरें आईं, लेकिन पार्टी में भारी विरोध हुआ था. रामा सिंह इंट्री की इसी खबर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान वहीं से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को खुद इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था.

कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने दिल्ली के अस्पताल में मिलने के बहाने रघुवंश प्रसाद सिंह को मनाने का भी प्रयास किया था, लेकिन बीते कुछ दिनों पहले राजद उपाध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन के बाद एक बार फिर से रामा सिंह के राजद में एंट्री की अटकलें तेज हो गई थी.

गौरतलब है कि वैशाली जिले में रामा सिंह की गिनती बड़े नेताओं में की जाती है और सवर्णों के बीच उनका बड़ा वोट बैंक है. रामा सिंह ने वैशाली से लोकसभा चुनाव 2014 लोजपा से टिकट पर लड़ा था. इस दौरान उन्होंने राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह को शिकस्त दी थी, लेकिन इसके बाद 2019 के चुनाव के दौरान पार्टी ने उनकी जगह वीणा देवी की टिकट दे दिया. तभी से यह अटकल थी कि आने वाले दिनों में रामा सिंह लोजपा को अलविदा कहने के बाद कोई बड़ी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं.

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