भाजपा ने दिवंगत मंत्री विनोद सिंह की पत्नी को दिया टिकट, बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ मुखर रहती थी मंत्री की आवाज

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बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह के निधन पर कटिहार मनसाही बड़ी बथना में उनके पैतृक आवास पर मातम का माहौल है. बताया जा रहा है कि पहले कोरोना के कारण उनकी तबीयत खराब हुई थी,  लेकिन उसके बाद लगातार वह बीमार रहने लगे. जिस कारण इस बार भाजपा (BJP) ने उनकी पत्नी निशा सिंह को प्राणपुर से उम्मीदवार बनाया. सोमवार को दिल्ली के मेदांता अस्पताल ( में उनके निधन के बाद उनके परिवार के साथ-साथ कटिहार में शोक का माहौल है.

दिवंगत मंत्री के बारे में जानें

मंत्री विनोद सिंह के राजनीतिक कद की पहचान छात्र जीवन से ही प्रखर वक्ता के रूप में होने लगी थी. विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति शुरू कर सीमांचल के क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठ पर मंत्री की राजनीति अक्सर मुखर रही है. 1995 से प्राणपुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की शुरुआत करते हुए विनोद सिंह 7 बार अपना किस्मत आजमाई. जिसमें तीन बार साल 2000, 2005 और 2015 में वह विधायक भी बने.

इसके अलावा 2017 में उन्हें बिहार सरकार की खनन मंत्री बनाया गया था.  लगभग एक साल बाद उनके विभाग को बदलते हुए उन्हें अति पिछड़ा कल्याण मंत्री बनाया गया. फिलहाल वह उसी विभाग के मंत्री थे.  उनका निधन 54 साल में हो गया. सचेतक सह नगर भाजपा विधायक ने कहा कि यह भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति है. .
विनोद सिंह की दो बेटियां हैं
किसान पिता के पुत्र विनोद सिंह अपने सभी छह भाइयों के साथ पैतृक आवास में ही रहते थे. माता बुधनी देवी घरेलू महिला हैं. मंत्री विनोद सिंह छह भाई थे जिनमें मंत्री का स्थान पांचवां था. उनकी तीन बहनें हैं. इसके अलावा दिवंगत मंत्री दो बेटी के पिता भी थे. बड़ी बेटी कशिश 11वीं कक्षा की छात्रा हैं, जबकि छोटी बेटी क्रिस्टी कक्षा 7 की छात्रा है. इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने मंत्री की पत्नी निशा सिंह को प्राणपुर से उम्मीदवार बनाया है.

मिली जानकारी के अनुसार अब दिवंगत विनोद सिंह के पार्थिव शरीर को बिहार लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उनका पार्थिव शरीर आज शाम दिल्ली से पटना लाया जाएगा और इसके बाद 14 अक्टूबर को कटिहार के मनिहारी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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